अयोध्या : गांव-गांव बनेगी निगरानी कमेटी
संवेदनशील स्थलों पर बढ़ाई गई खुफिया नजर, फोर्स भी होगी तैनाती
संदिग्ध लोगों की तैयार हो रही सूची, होंगे पाबंद, गिरफ्तारी भी संभव
प्रयागराज। अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बाबत जिले में चौकसी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से गांव स्तर पर निगरानी कमेटी बनाने की रणनीति बनाई गई है तो संदिग्ध स्थानाें पर एलआईयू की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन संदिग्ध लोगों की सूची भी तैयार कर रहा है। पाबंद किए जाने के साथ न्यायालय के आदेश से पहले उनकी गिरफ्तारी की भी तैयारी है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन तथा अन्य पहलुओं को लेकर प्रयागराज का गहरा जुड़ाव रहा है। ऐसे में 15 नवंबर तक विवादित भूमि पर संभावित फैसले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से एलर्ट जारी किया गया है। इस पूरे मामले में प्रशासन सख्त रूख अपनाने की तैयारी में है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में अफसरों तथा संबंधित अन्य पक्षों की लगातार वार्ता की जा रही है। शांति समितियों की बैठकों के साथ उनकी ओर से लोगों से शांति की अपील भी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि संदिग्ध लोगों की सूची तैयार की जा रही है। पहले से चिह्ति लोगों की गतिविधियाें पर नजर रखी जा रही है। अन्य के खिलाफ भी जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फैसला आने से पहले कुछ लोगों को गिरफ्तार या नजरबंद भी किया जाएगा। अफसरों के अनुसार उनमें कई राजनीतिक लोग तथा सत्ता में बड़ा दखल रखने वाले लोग भी शामिल हैं। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि शांति समिति की भूमिका बढ़ा दी गई है। हर गांव में भी समिति बनाने का आदेश दिया गया है, जो लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखेगी। साथ में लोगों को जागरूक करेगी। इसके अलावा भी कई कदम उठाए गए हैं।
जागरूकता पर है जोर
प्रशासन की कोशिश है कि जिले में कोई अप्रिय घटना न होने पाए। इस रणनीति के तहत पूरे जिले की घेराबंदी की योजना बनाई गई है। ताकि, उपद्रवियों को नियंत्रित किया जा सके। इसी क्रम में व्यापक जनजागरण की भी योजना बनाई गई है। इस बाबत अफसरों की टीम बनाई गई है जो धर्म गुरुओं तथा क्षेत्र के प्रभावी लोगों के संपर्क में हैं। उनके माध्यम से लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जएगी। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि फैसले को लेकर प्रशासन पूरी तरह से एलर्ट है। सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।