इविवि में छात्र-छात्राओं को कॅरियर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं होगा। परिसर में ही उनकी समस्याओं का समाधान होगा। विवि में मॉडल कॅरियर सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 28 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। इसमें कंप्यूटर लैब आदि सुविधाओं के साथ दो स्थायी काउंसलर भी नियुक्त होंगे।
विश्वविद्यालय में रोजगार ब्यूरो तो है लेकिन वहां सुविधाओं का अभाव है तो वह प्रशासनिक अनदेखी का भी शिकार है। ऐसे में विश्वविद्यालय में उसे फिर से सक्रिय करने की लंबे समय से मांग की जा रही है। हालांकि रोजगार ब्यूरो क ा विस्तार नहीं हो सका लेकिन नया सेंटर जरूर बनने जा रहा है। मॉडल कॅरियर सेंटर सीनेट परिसर के सामने बने विश्वविद्यालय के नए भवन के तीसरी मंजिल पर बनेगा। इसमें हाल के अलावा 30 कंप्यूटर का लैब होगा। इसमें कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने के साथ विद्यार्थियों की कॅरियर संबंधी काउंसलिंग आदि भी की जाएगी।
कैंपस सेलेक्शन के लिए आने वाली कंपनियां ऑनलाइन परीक्षा भी ले सकेंगी। इसके अलावा सेंटर में दो क्योस्क होंगे, जिनमें इंटरनेट की सुविधा होगी। इसकी मदद से विद्यार्थी इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे। इस सेंटर में दो काउंसलर्स की नियुक्ति का भी प्रावधान है, जो विद्यार्थियों की नियमित तौर पर काउंसलिंग करेंगे। इसके अलावा समय-समय पर बाहर से भी काउंसलर बुलाए जाएंगे। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि सेंटर का निर्माण जिला प्रशासन के नियंत्रण में होना है। मंत्रालय की ओर से पैसा भी मिल गया है। जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने बताया सेंटर बनने के बाद रोजगार ब्यूरो को भी इसी में मर्ज कर दिया जाएगा।
इविवि में स्टूडेंट ऐक्टिविटी सेंटर के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। पैसा जारी भी हो चुका है लेकिन विवादों की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। हालांकि अब विवाद खत्म होने की बात कही जा रही है। ऐसे में इसके निर्माण की भी उम्मीद जगी है। 24 जनवरी को विश्वविद्यालय के बिल्ंिडग कमेटी की बैठक में इसका निर्माण कार्य शुरू करने पर चर्चा होगी। सेंटर में ऑडिटोरियम केे अलावा, लाइब्रेरी, कैफेटेरिया आदि आधुनिक सुविधाएं होंगी। इतना ही नहीं इंडोर गेम्स के लिए भी हाल होगा।