सवाल उठे कि बैंक को इस बात बारे में अवगत क्यों नहीं कराया गया कि विश्वविद्यालय को मिलने वाले अनुदान से इनकम टैक्स की कटौती नहीं की जाती है। इसी तरह कुछ अन्य भुगतान पर भी सवाल उठे, जिसके बाद वित्त अधिकारी से जवाब मांगा गया। सूत्रों का कहना है कि वित्त अधिकारी के जवाब से असंतुष्ट होने के बाद कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार की ओर से पत्र जारी कर डॉ. सुनील कांत मिश्र से उनके आहरण एवं संवितरण संबंधी अधिकार वापस ले लिए गए और अब उन्हें लंबी छुट्टी पर भी भेज दिया गया।
ऑक्टा के अध्यक्ष रह चुके हैं डॉ. सुनील कांत
सीएमपी डिग्री कॉलेज के कॉमर्स विभाग के शिक्षक डॉ. सुनील कांत मिश्र ऑक्टा के अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यकाल में वित्त अधिकारी के पद पर उनकी स्थायी नियुक्ति की गई थी।
‘कुलसचिव ने आदेश जारी किया है कि कुछ मामलों में जांच होनी है, इसलिए कुलपति के आदेश पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है और उनके स्थान पर वित्त अधिकारी का चार्ज कॉमर्स विभाग के प्रो. आरके सिंह के पास रहेगा।’ - डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि