प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, उनके पाल्यों एवं सेवानिवृत्त कर्मियों को निजी अस्पताल में कोविड के इलाज की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। इसके लिए इविवि प्रशासन ने प्राइवेट अस्पताल यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस यूनाइटेड मेडिसिटी को कोविड-19 के इलाज के लिए विश्वविद्यसालय से संबद्ध किया है।
इविवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह ने बताया कि नए नियम के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के कोविड संक्रमित व्यक्ति का इलाज घर पर नहीं किया जा सकता है। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है। इविवि ने अपने 60 वर्ष या अधिक आयु वर्ग के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए निजी अस्पताल को विश्वविद्यालय से संबद्ध किया है। इस अस्पताल में नि:शुल्क यानी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी और समस्त बिलों का भुगतान भारत सरकार के सीजीएचएस एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर हो सकेगा। सरकार द्वारा तय सुविधा लेने के अतिरिक्त विशेष सुविधा प्राप्त करने पर ही कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
इविवि कर्मियों ने की दो घंटे की हड़ताल, प्रदर्शन भी
-इविवि प्रशासन ने जवाब में कर्मचारी संगठन को जारी किया पत्र
प्रयागराज। विभिन्न मांगों को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कर्मचारियेां ने बृहस्पतिवार को मिनिस्टीरियल एंड टेक्निकल स्टाफ यूनियन के बैनर तले दो घंटे की टोकल हड़ताल की और प्रदर्शन भी किया। कर्मचारियों के आंदोलन के जवाब में इविवि प्रशासन की ओर से संगठन को पत्र जारी करते हुए उनके आंदोलन को विश्वविद्यालय के कार्य में बाधा करार दिया गया और उनसे सहयोग की अपील की गई।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि पद खाली होने के बाद भी इविवि में कई वर्षों से कर्मचारियों की प्रोन्नति नहीं की गई है, ग्रावांस पत्रावलियों का समय से निस्तारण नहीं होता है, पूर्व में दिए गए बोनस की वसूली की जा रही है। ऐसे तमाम मुद्दों पर अगर कर्मचारी राहत मांग रहे हैं तो क्या गलत कर रहे हैं। इस दौरान अनिल सिंह, देवमणि सिंह, अजीत पांडेय, महेंद्र बहादुर सिंह, राजेंद्र यादव, संजय मौर्य, हरे कृष्ण द्विवेदी ने अपनी बात रखी। संचालन ओपी गुप्ता ने किया। दूसरी ओर इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने यूनियन अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमेशा अपने कर्मचारियों का ख्याल रखा।
बीते दिनों कर्मचारियों के हित में कई कार्य किए गए। इसके बावजूद प्रदर्शन एवं नारेबाजी कर विश्वविद्यालय के कार्यों में बाधा पहुंचाई गई। रजिस्ट्रार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इविवि प्रशासन को विश्वास है कि कर्मचारी इस बात को समझेंगे और आज जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं करेंगे।