इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एमए तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद 15 छात्रों को गैरहाजिर बताकर फेल कर दिया गया। छात्रों की शिकायत पर जांच कराई गई तो पता चला कि सभी 15 छात्र परीक्षा वाले दिन उपस्थित थे। अब रिजल्ट को संशोधित किया जा रहा है।
गड़बड़ी कॉपियां जांचने वाले परीक्षकों के स्तर से हुई। दरअसल, रिजल्ट अवार्ड लिस्ट के आधार पर तैयार किया जाता है। यह लिस्ट कॉपियां जांचने के बाद तैयार की जा रही है, जिस पर छात्रों के प्राप्तांक दर्ज होते हैं। परीक्षा में तकरीबन 240 परीक्षार्थी शामिल हए थे। कॉपियों जांचने वाले परीक्षकों ने 15 छात्रों की अवार्ड लिस्ट कॉपियों के बंडल के साथ बांध दी। यह लिस्ट परीक्षा नियंत्रक कार्यालय तक पहुंची ही नहीं। ऐेसे में संबंधित छात्रों को अनुपस्थित मानते हुए फेल कर दिया गया।
10 दिन पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रिजल्ट जारी किया गया तो छात्रों में हड़कंप मच गया। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि उपस्थिति के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया गया है। उनकी शिकायत पर जांच शुरू कराई गई। उपस्थिति पंजिका देखी गई, जिसमें सभी 15 छात्र उपस्थित थे। इसके बाद अवार्ड लिस्ट की खोजबीन शुरू हुई। अवार्ड लिस्ट कॉपियों के बंडल के साथ बंधी हुई मिली। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह जांच में छात्रों की शिकायत सही पाई गई है। परीक्षा परिणाम में संशोधन किया जा रहा है। जल्द ही संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।