मुकदमे की सुनवाई में बीमारी बताकर विवाह समारोह में शामिल होना हाईकोर्ट के वकील को महंगा पड़ा गया। असलियत जाहिर होने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिवक्ता त्रिपाठी बीजी भाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
उनसे कोर्ट को गलत सूचना देकर न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग करने पर स्पष्टीकरण मांगा है । कोर्ट ने कहा है कि अधिवक्ता ने बीमारी की सूचना भेजकर मुकदमे की सुनवाई में उपस्थित होने पर असमर्थता जताई है।
दूसरी ओर वह सिद्धार्थनगर में शादी समारोह में गए हैं और पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। कोर्ट ने पूछा कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाही की जाए। त्रिपाठी बीजी भाई को 26 फरवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने रामफेर व अन्य की प्रथम अपील पर सुनवाई के दौरान दिया।
अपील पर अधिवक्ता लवकुश कुमार शुक्ल ने यह कहते हुए सुनवाई स्थगित करने की मांग की कि त्रिपाठी बीजी भाई शादी समारोह में शामिल होने सिद्धार्थ नगर में है। उनकी फोन पर बात हुई है जबकि दूसरे केस में उन्होंने बीमार होने की स्लिप भेजी थी।
कोर्ट ने स्लिप को सील कर दिया और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी से कहा कि वह एसएसपी प्रयागराज से दोनों वकीलों की कॉल डिटेल्स मंगा ले। सुनवाई 26 फरवरी को होगी।