बहरिया (संवाद)। बहरिया के करनाईपुर में अवैध निर्माण की सूचना पर बुधवार की रात पहुंचे पीआरवी के सिपाहियों को बंधक बनाकर पीटा गया।
सूचना मिलते ही बहरिया थाने से फोर्स पहुंच गई। किसी तरह भीड़ को नियंत्रित करके सिपाहियों को छुड़ाया गया। पुलिस ने इस मामले में 50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गांव में दबिश देकर 23 को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें नौ महिलाएं भी शामिल हैं।
बहरिया के करनाईपुर गांव में अवैध निर्माण की शिकायत किसी ने डायल 112 को दी तो पास में मौजूद पीआरवी को वहां भेजा गया।
सूचना थी कि रामप्रसाद की भूमि पर गांव के ही कुछ लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। पीआरवी प्रभारी विनोद यादव के नेतृत्व में सिपाहियों ने वहां काम रुकवाया और विपक्ष के रामकुमार को बुलवाकर पूछताछ शुरू कर दी।
इसके बाद रामकुमार के पक्ष के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और पुलिस टीम को घेर लिया। सिपाहियों को मारपीटकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। सिपाहियों ने मोबाइल से एसओ बहरिया को फोन कर पूरी बात बताई। फोर्स तुरंत पहुंच गई।
वहां लाठियों फटकार कर लोगों को भगाया और सिपाहियों को मुक्त कराया। इसके बाद रात में ही दबिश दी गई। पीआरवी चालक सिपाही लालचंद्र की तहरीर पर रामकुमार सहित पचास लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 341, 342, 353, 323, 504, 506 एवं आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 07 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने रात में नौ महिलाओं समेत 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सुबह गांव के अधिकांश लोग भाग निकले थे।