आरोप है कि इसके बाद करीब दो दर्जन से अधिक की संख्या में लोग पहुंचे और दरोगा सूर्य प्रकाश के साथ धक्कामुक्की करने लगे। दरोगा और सिपाहियों के साथ गालीगलौज भी की गई। दरोगा को धमकी दी गई कि एक हफ्ते में जान से मरवा दिया जाएगा। किसी तरह सिपाही अनिरुद्ध यादव और प्रमोद कुमार अभियुक्त ब्रम्हदेव को लेकर वहां से निकले।
इस दौरान ब्रम्हदेव ने भी सिपाहियों और दरोगा के साथ धक्कामुक्की की। वहीं पर ब्रम्हदेव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने का भी प्रयास किया गया। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
कोर्ट मोहर्रिर ने तुरंत और फोर्स बुलाई। इसके बाद किसी तरह से आरोपी ब्रम्हदेव को जेल रवाना किया गया। बाद में दरोगा सूर्य प्रकाश दुबे की तहरीर पर प्रभाकांत तिवारी, रमाकांत तिवारी, नीरज मिश्रा, शांतनु पांडेय और आदर्श शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके साथ ही ब्रम्हदेव मिश्रा और उसके साथ 20-25 अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर लिखाई गई।