लालापुर क्षेत्र के बेलामुंडी गांव में शुक्रवार शाम पुलिस पहुंची तो देखा कि गांव में रहने वाले रामभवन के घर के पास एक दर्जन लोग बिना मास्क लगाए बैठे थे। एसआई ने माइक से भीड़ लगाकर बैठने से मना किया तो भी वह लोग नहीं हटे। दरोगा वहां पहुंचे तो उन पर हमला कर दिया। सिपाहियों ने बीचबचाव की कोशिश की तो वहां मौजूद महिलाओं ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडे एवं फावड़े से वार किया। किसी तरह पुलिस वाले वहां से जान बचाकर भागे। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। थानाध्यक्ष लालापुर संतोष कुमार सिंह ने बताया की मामले में 11 धाराओं में मुकदमा दर्ज कर राम भवन, अमित, किशन, प्रभा देवी, प्रमिला, बबिता को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
एंबुलेंस में की तोड़फोड़ कर्मचारियों से अभद्रता
धूमनगंज के कालिंदीपुरम में कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन कराने पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम से गालीगलौज की गई। साथ ही पत्थर मारकर एंबुलेंस का शीशा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सूचना पर धूमनगंज पुलिस भी पहुंच गई। भुक्तभोगियों ने लिखित शिकायत भी की, लेकिन बाद में समझौता हो गया। घटना शुक्रवार रात 12:30 बजे की की है। कोरोना संदिग्धों को रखने के लिए धूमनगंज में कालिंदीपुरम स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी गोकुल सेक्टर को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां शुक्रवार रात पांच एंबुलेंस जिले के अलग-अलग इलाकों से दर्जनभर से ज्यादा कोरोना संदिग्धों को लेकर पहुंचीं। एंबुलेंस कर्मचारी लवकुश, विनीत राजीव सिंह, दुर्गेश, संतोष, तेजप्रताप, अशोक पटेल व सुरेश कुमार इस दौरान वहां मौजूद थे।
कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना संदिग्धों को सेंटर में शिफ्ट कराने के बाद वह लौटने ही वाले थे कि इसी दौरान सामने की ओर बने तीन मंजिला भवन से एक व्यक्ति निकला और एंबुलेंस खड़ी करने को लेकर गालीगलौज करने लगा। यही नहीं उसने पत्थर भी फेंका, जिससे एक एंबुलेंस का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। विरोध पर राइफल लेकर आने की भी धमकी दी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने सूचना दी तो धूमनगंज पुलिस पहुंच गई।
आरोपी को बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह भी पुलिसकर्मी है और गंगापार के एक थाने में तैनात है। एंबुलेंसकर्मियों ने लिखित शिकायत दी, जिसके बाद वह माफी मांगने लगा। इसके बाद पुलिस के समझाने पर दोनों पक्ष शांत हो गए। मामले में धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर का कहना है की गालीगलौज व एंबुलेंस पर पत्थर फेंकने की बात गलत है। एंबुलेंस आरोपी के घर के सामने खड़ी थी और इसी बात को लेकर उसकी कर्मचारियों से कुछ नोकझोंक हुई थी। बाद में उसने माफी मांग ली। इसके बाद मामला शांत हो गया।