देवघाट ग्राम पंचायत के बांसघाट मजरे में रास्ते को लेकर बीते तीन माह से चला आ रहा विवाद मंगलवार को खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वीपी सिंह के भतीजे रामेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि चार लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वो जख्मी हो गए। वहीं दूसरे पक्ष का कहना था कि रास्ता तीन गांव के लोगों के आवागमन का जरिया है, जिसे खुदवाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए देर रात तक ग्रामीण थाने में डटे थे।
पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के रिश्ते में भतीजे रामेंद्र प्रताप सिंह उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अधिवक्ता हैं। उनकी बांसघाट में जमीन और आवास है। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे के करीब जब वे सड़क पर बने रपटे पर जेसीबी से मरम्मत करा रहे थे, तभी बांसघाट के रहने वाले रजनीश पटेल व लालजी पाल तथा उनके दो साथी आए और उन्हें गाली देते हुए उनपर हमला कर दिया।
अमर बहादुर सिंह व उनके लड़के संदीप ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तब हमलावरों ने उन्हें पीटकर अधमरा कर दिया। जब वे जान बचाकर अपने आवास की ओर भागे तब वे वहां पहुंचकर सामने खड़े उनके वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मामले रिपोर्ट लिखाने के लिए दूसरे पक्ष से रजनीश पटेल, जुगेश पटेल, आशीष पटेल, प्रदीप कुमार कोल, रामदयाल बहेलिया, निराशा देवी तथा कमला देवी आदि सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि रामेंद्र प्रताप सिंह ने तीन माह पूर्व देवघाट बांसघाट व माड़ो गांव के लोगों के निकास के लिए बने मार्ग को जेसीबी से खुदवा दिया था, जिसकी शिकायत तहसील कोरांव सहित जिलाधिकारी तक की गई है।
विपक्षी के प्रभावशाली होने के कारण उनकी कहीं सुनवाई नही हो रही है। मंगलवार को रामेंद्र प्रताप सिंह मनमाने ढंग से रास्ता खुदवाने लगे। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तब उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर कर दिया। गोली रजनीश के कान के पास से होते हुए गुजर गई। थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह का कहना है कि मामले में रामेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से तहरीर मिल गई है, जबकि दूसरे पक्ष से अभी तहरीर नहीं मिली है।