बरनपुर पूरा मुनई गांव में रविवार को ग्राम्य होलिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कवि सम्मेलन का आयोजन हास्य व्यंग्य के मशहूर कवि अशोक बेशरम के संचालन में हुआ। कवि आनंद श्रीवास्तव ने अपने काव्य पाठ में वर्तमान कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा सिखाया था जमी पर चलना जिसे... वो भी आज हो गया पराया है...।
कार्यक्रम का संयोजन गीतकार एवं कवि डॉ. कृष्णकांत कामिल के संयोजन में किया गया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री विभा शुक्ला ने किया। इसके बाद मध्य प्रदेश से आए अवधि और बघेली भाषा के हास्य व्यंग्यकार राम लखन सिंह महगना ने अपने गीतों से लोगों को ओत-प्रोत कर दिया।
इसी तरह नागेश शांडिल्य, पंडित नजर इलाहाबादी, कमलेश पांडेय, नीरज इलाहाबादी, अभिनव सिंह, मुन्ना मासूम आदि कवियों ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को ओत प्रोत कर दिया। मौके पर सोमदत्त सिंह पटेल, उदित नारायण सिंह पटेल, डॉ. अनिल पांडेय, चंद्रिका प्रसाद सिंह, राज बिहारी सिंह, राम आश्रय सिंह, विजय नारायण सिंह, रामकृष्ण सिंह आदि रहे।