मेजा रोड में व्यापारी संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेते व्यापारी। संवाद
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। यमुनापार के मेजारोड बाजार में सार्वजनिक शौचालय और कूड़े की साफ-सफाई की व्यवस्था न होने से व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजार में शौचालय और अन्य व्यवस्थाएं न होने से रोडवेज बसों का ठहराव भी बंद हो गया है। बल्कि बसों का ठहराव एक किलोमीटर दूर कठौली गांव के सामने होना शुरू हो गया है। ऐसे में मेजारोड का कारोबार काफी प्रभावित हुआ है।
मेजारोड में इलेक्ट्रिानिक्स की दुकान चलाने वाले नागर गुप्ता ने बाजार में बसों के ठहराव की मांग की है। उन्होंने कहा कि बसों का ठहराव बंद होने से लोगों का आना-जाना भी बंद हो गया है। साफ-सफाई की व्यवस्था न होने से कई जगहों पर कूड़े का ढेर लगा है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी बाजार में ही नहीं आते हैं।
कारोबारी महेंद्र केशरी ने कहा कि कूड़े का उठान न होने से काफी परेशानी हो रही है। व्यापारियों की ओर से डिवाइडर पर कूड़ा रखना मजबूरी है। उन्होंने कहा कि बाजार में एक हैंडपंप भी नहीं है। जहां राहगीर या दुकानदार पानी पी सकें।
घड़ी कारोबारी सुनील कुमार ने बताया कि शौचालय न होने से काफी परेशानी होती है। कारोबारी जवाहर लाल कन्नौजिया ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी शौचालय नहीं बनाया जा सका।
कारोबारी कृष्णा शंकर गुप्ता और माजिद अली ने बताया कि बाजार की साफ-सफाई न होने से कई जगहों पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है। सफाईकर्मी नदारत हैं। कस्बे के डॉ. विद्यासागर, नईम सद्दीकी, रामजनक पाल, विवेक गुप्ता और संजय गुप्ता ने कहा कि चौराहे पर कई लोगों का अतिक्रमण बना हुआ है। इससे शाम के वक्त चौराहे से निकलना मुश्किल हो जाता है।
मेजारोड चौराहा पांती ग्राम पंचायत में आता है। पांती ग्राम पंचायत में सफाईकर्मियों की नियुक्ति न हो पाने से दिक्कत हो रही है। प्रयास किया जाएगा कि जल्द ही सफाईकर्मियों की नियुक्ति कर समस्या का निराकरण किया जाए। जबकि जमीन न मिल पाने से शौचालय नहीं बन पा रहा है। -रमाकांत पांडेय, एडीओ पंचायत, विकास खंड मेजा