सलोरी में एटीएम काटकर 11.51 लाख चोरी करने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच सकी है। कंपनी कर्मचारियों से पूछताछ के बाद भी कोई सुराग नहीं हासिल मिला है।
सलोरी में संगम चौराहे के पास स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को गैस कटर से काटकर चोर 11.51 लाख रुपये उड़ा ले गए। घटना 28 मई की रात हुई और पुलिस को सुबह इसकी जानकारी हुई। जांच के दौरान पुलिस को एक प्रत्यक्षदर्शी मिला, जिसने चोरों को भागते हुए देखा था। पूछताछ में उसने बताया कि चोर सफेद रंग की स्विफ्ट कार से भागे। पुलिस ने एटीएम की देखरेख करने वाली एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजी कंपनी के कर्मचारियों से भी पूछताछ की। लेकिन, तीन दिन बाद भी उसे बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामले में क्राइम ब्रांच की टीम भी लगाई गई है, जिसने लगातार दो दिनों तक जांच की। कई नंबरों की कॉल डिटेल भी निकलवाए, लेकिन उसके हाथ भी अभी बदमाशों की कोई जानकारी नहीं है।
स्थानीय नहीं थे बदमाश
अब तक की जांच के बाद पुलिस का यह भी मानना है कि घटना में शामिल बदमाश स्थानीय नहीं थे। दरअसल, घटना जिस तरीके से अंजाम दी गई, उससे इस बात की पूरी संभावना है कि यह काम किसी शातिर चोर गिरोह का है। इसके अलावा घटनास्थल के पास लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज में जो दो संदिग्ध युवक एटीएम के बाहर घूमते नजर आए हैं, उन्होंने अपने चेहरा खुला रखा था। माना जा रहा है कि उन्हें पहचाने जाने का डर नहीं था।
कर्मचारी भी शक के घेरे में
पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना में कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में कर्मचारियों के नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। साथ ही उनसे हर बिंंदु पर पूछताछ की जा रही है। जरूरत पड़ी तो कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ की जाएगी। दरअसल, साल भर के भीतर यह तीसरी वारदात है, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ही एटीएम को निशाना बनाया गया।
पूर्व में हुई घटनाओं में शामिल बदमाशों की सुरागरशी
सलोरी में एटीएम से चोरी की वारदात ठीक उसी तरह अंजाम दी गई, जिस तरह मम्फोर्डगंज व शंकरगढ़ में घटनाएं की गईं। यही वजह है कि पुलिस इन घटनाओं में जेल भेजे गए बदमाशों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वह जमानत पर रिहा हो गए हों और इन दिनों उनका ठिकाना शहर में ही हो।
कौन था अंतिम बार निकासी करने वाला संदिग्ध?
उधर बैंक अफसरों से इस बात की भी जानकारी मांगी गई है कि एटीएम से अंतिम बार रुपयों की निकासी करने वाला व्यक्ति कौन था। दरअसल घटना के बाद जांच की गई तो पता चला कि अंतिम बार 11.13 मिनट पर एटीएम से रुपयों की निकासी हुई। इसके बाद 11.49 मिनट पर बैलेंस की जानकारी की गई। चर्चा इस बात की भी है कि दोनों ही बार एटीएम के भीतर लगे कैमरे में जिस व्यक्ति की तस्वीर कैद हुई, वह एक ही व्यक्ति है। ऐसे में अब उसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की भी लापरवाही
इस मामले में पुलिस की लापरवाही की भी बात सामने आई है। दरअसल घटना जिस जगह पर हुई वह ईश्वर शरण पुलिस चौकी से बहुत दूरी पर नहीं है। घटना जिस सफाई से अंजाम दी गई, उससे यह भी तय है कि बदमाशों ने पहले रेकी भी की। यही वजह रही कि एटीएम काटने के बाद वह बड़े आराम से नकदी लेकर भाग निकले। इसके बावजूद इसकी भनक तक नहीं लगना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।