अतीक अहमद व अशरफ हत्याकांड के शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन दो राउंड में पूछताछ हुई। हत्या की वजह पूछने पर उन्होंने फिर अपना पुराना बयान दोहराया कि वह नाम कमाना चाहते थे। हालांकि जब उनसे स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अफसरों ने पूछा कि वह किसी और को भी चुन सकते थे और उन्होंने अतीक व अशरफ को ही क्यों टारगेट किया, तो तीनों ने चुप्पी साध ली।
कोर्ट के आदेश के बाद दोपहर दो बजे के करीब तीनों शूटरों सनी सिंह, लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य को एसआईटी ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया। इसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए बेली अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच दफ्तर में ले जाकर पूछताछ शुरू की गई।सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने शूटराें से सबसे पहले हत्या की वजह की जानकारी लेनी की कोशिश की।
पूछा कि आखिर उन्होेंने इस हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया। इस पर शूटरों ने एक बार फिर वही बयान दिया कि वह चाहते थे कि जरायम की दुनिया में उनका नाम हो जाए। इसी मकसद से उन्होंने यह वारदात की। इस पर अफसरों ने पूछा कि इसके लिए अतीक-अशरफ को ही क्यों चुना? वह किसी और को भी निशाना बना सकते थे तो तीनों ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।