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Atiq Ashraf Murder: इस गुर्गे के जरिए शाइस्ता ठिकाने लगाती थी काली कमाई; विदेश जाने की प्लानिंग में था ये बेटा

Wed, 17 May 2023 10:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर एक और नया खुलासा हुआ है। शाइस्ता असाद के जरिए काली कमाई ठिकाने लगाती थी। प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में रकम निवेश की जाती थी। बड़े प्लॉटरों के प्रोजेक्ट में भी पैसा लगाया था।
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Atiq Ashraf Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही शाइस्ता परवीन के बारे में पता चला है कि वह अतीक अहमद की काली कमाई को गुर्गे असाद कालिया के जरिए ठिकाने लगाती थी। वसूली व अन्य अवैध कामों से आने वाली रकम वह असाद को देती थी जो इसे प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लगाता था।
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पुलिस सूत्रों का दावा है कि इन बातों का खुलासा पिछले दिनों अतीक के करीबी खान सौलत हनीफ से पूछताछ में हुआ है। सौलत ने बताया है कि न सिर्फ प्रयागराज, लखनऊ बल्कि गुजरात, दिल्ली व मुंबई से भी अतीक का रुपया आता था। इन रुपयों को लेने के लिए वह ही जाता था और इसे शाइस्ता को देता था। 

कई बार ऐसा हुआ जब रकम सीधे शाइस्ता के कहने पर उसने डिलीवरी वाले स्थान से उठाकर असाद कालिया तक पहुंचाई। अतीक के जेल जाने के बाद असाद पर शाइस्ता समेत पूरा परिवार बहुत भरोसा करता था। असाद रकम को खुद प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लगाता था। 
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महंगी जमीनें खरीदता था और फिर प्लॉटिंग कर इसे अपने लोगों के जरिए बेचता था। इसके अलावा प्रॉपर्टी का काम करने वाले कई बड़े प्लॉटरों से उसके संबंध थे। प्रयागराज ही नहीं बल्कि कई अलग अलग शहरों में उसने प्रॉपर्टी के धंधे में रकम लगाई। रकम लगाने से लेकर मुनाफा होने पर वसूली तक का काम असाद कालिया ही देखता था।

विदेश जाने की प्लानिंग में था अली

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक और खुलासा यह हुआ है कि अली विदेश जाने की प्लानिंग में था। उसे मालूम था कि आपराधिक इतिहास के चलते उसका पासपोर्ट बनने में दिक्कत आएगी। यही वजह थी कि उसने फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया।

यह वही आधार कार्ड है जिसे नौकर राकेश की निशानदेही पर पुलिस ने चकिया स्थित अतीक के पैतृक मकान से बरामद किया था। इसमें फोटो अली का था जबकि नाम के आगे साबिर पुत्र मुग्ने सिद्दीकी निवासी बरनाकोट, आनापुर लिखा हुआ था।

इससे पहले, उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही शाइस्ता परवीन समेत तीन आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई थी। कमिश्नरेट पुलिस की रिपोर्ट पर इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इनमें पांच लाख का इनामी गुड्डू मुस्लिम व साबिर भी शामिल है। इस कार्रवाई के बाद अब तीनों के देश छोड़कर जाने पर रोक लग गई है।

 

उमेश की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप

अतीक की पत्नी शाइस्ता उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार है। उस पर हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा गुड्डू मुस्लिम व साबिर हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों में शामिल हैं। पुलिस और एसटीएफ लगातार इनकी तलाश में जुटी है। गुड्डू मुस्लिम की तलाश में उड़ीसा, मप्र, मुंबई आदि राज्यों में दबिश दी जा चुकी है। 

 

जबकि साबिर व शाइस्ता की तलाश में पुलिस प्रयागराज समेत प्रदेश के कई जिलों की खाक छान चुकी है। इसके बावजूद अब तक इनका सुराग नहीं मिल सका है। गुड्डू व साबिर पर पांच-पांच लाख जबकि शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम भी घोषित है। 

 

पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कराया

सूत्रों का कहना है कि इस बात की भी आशंका थी कि पुलिस से बचने के लिए तीनों देश छोड़कर बाहर जा सकते हैं। यही वजह है कि उनके खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कराया है। पुलिस की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।

एक साल तक रहेगा प्रतिबंध

तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने की सूचना गृह मंत्रालय के माध्यम से सभी एयरपोर्ट, बंदरगाह व अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात अधिकारियों को भेज दी गई है। सूत्रों ने बताया कि लुकआउट नोटिस की वैधता एक साल तक है। यानी तीनों फरार आरोपियों के एक साल तक देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर कमिश्नरेट पुलिस इस अवधि को बढ़वाने के लिए भी रिपोर्ट भेज सकती है।
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क्या है लुकआउट नोटिस
लुकआउट नोटिस को लुकआउट सर्कुलर भी कहा जाता है। यह जिसके खिलाफ जारी होता है, उस व्यक्ति को देश छोड़कर जाने की इजाजत नहीं होती। यही वजह है कि एयरपोर्ट, बंदरगाहों व अन्य सीमाओं पर लगे आव्रजन अधिकारियों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में अगर वह व्यक्ति उपरोक्त स्थानों पर पहुंचता है तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया जाता है और फिर इसकी सूचना उस एजेंसी को दी जाती है जिसकी ओर से लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
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