अतीक-अशरफ हत्याकांड में एसआईटी को अहम सबूत मिले हैं। तीनों शूटरों से फिर पूछताछ होगी। फुटेज से सबूत मिले हैं। एसआईटी इस मामले में अब तक 60 से अधिक लोगों का बयान ले चुकी है। इसके अलावा सीन रीक्रिएशन के साथ ही तीनों शूटरों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर भी पूछताछ कर चुकी है।
अतीक-अशरफ हत्याकांड में गिरफ्तार शूटरों से जल्द दोबारा पूछताछ हो सकती है। मुकदमे की विवेचना कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को चश्मदीदों के बयान से कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो हत्याकांड से जुड़े राज को खोलने में अहम हो सकते हैं। ऐसे में एसआईटी की ओर से जल्द ही इसके लिए अर्जी दी जा सकती है।
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एसआईटी इस मामले में अब तक 60 से अधिक लोगों का बयान ले चुकी है। इसके अलावा सीन रीक्रिएशन के साथ ही तीनों शूटरों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर भी पूछताछ कर चुकी है। मौके से बरामद हथियारों को भी बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा चुका है।
सूत्रों का कहना है कि विवेचना में एसआईटी को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो हत्याकांड से जुड़े राज खोलने में बेहद अहम हो सकते हैं। घटना के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान से यह साफ हो गया है कि शूटर वारदात से कितनी देर पहले वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं, हत्या से ठीक पहले वह क्या करते रहे, इसका भी ब्योरा एसआईटी के पास है।
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ऐसे तमाम साक्ष्य हैं जिनकी पड़ताल की जाए तो हत्याकांड से जुड़े बड़े राज का पर्दाफाश हो सकता है। यही वजह है कि एसआईटी अब दोबारा शूटरों से पूछताछ की तैयारी में है। हालांकि इसके लिए उसे कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी जल्द ही इसके लिए अर्जी भी दे सकती है।
बयानों का फुटेज से कराया जा रहा मिलान
एसआईटी इस मामले में सीबीआई की तर्ज पर विवेचना कर रही है। घटना के जो भी चश्मदीद हैं, उनके बयान में बताई गई एक-एक बातों का मिलान भी वीडियो फुटेज से कराया जा रहा है। अगर बयान और फुटेज में कोई विरोधाभास है तो उसे लेकर भी संबंधित से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि बेहद हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते एसआईटी इस प्रकरण में फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
राजू पाल हत्याकांड में इनामी बदमाश अब्दुल कवि पर आरोप तय
प्रयागराज के विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में फरार रहे और एक लाख के इनामी रहे बदमाश अब्दुल कवि के ऊपर आरोप तय कर दिये गए। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश कविता मिश्रा ने आरोपी के ऊपर बलवा,हत्या का प्रयास, हत्या, साज़िश रचने और अवैध हथियार रखने के आरोपों में आरोप तय करते हुए गवाहों को तलब किया है।
बताते चले राजू पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ के साथ ही अन्य आरोपीयो के साथ अब्दुल कवि को भी आरोपी बनाया गया था। 15 जुलाई 2019 को सीबीआई ने विवेचना के बाद आरोपी के ख़िलाफ़ चार्जशीट भेजी थी और कोर्ट ने चार्जशीट पर 30 अगस्त 2019 को संज्ञान लिया था लेकिन आरोपी फरार था लिहाज़ा उसकी पत्रावली अन्य आरोपीयो की पत्रावली से अलग कर दी गई थी।अब्दुल कवि ने गत 5 अप्रैल को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
गौरतलब है कि 25 जनवरी, 2005 को इलाहाबाद पश्चिमी से बसपा विधायक रहे राजू पाल की दिन-दहाड़े गोलीबारी में हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में देवी पाल व संदीप यादव की भी मौत हुई थी। जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने थाना धुमनगंज में इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराकर अतीक व उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद आदिम को नामजद किया था।