पिस्टल की बैलेस्टिक रिपोर्ट का इंतजार
अफसरों को अभी शूटरों की पिस्टल की बैलिस्टिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह भी तय हो जाएगा कि मौके से बरामद असलहों से ही हत्या की गई है। सूत्रों का कहना है कि शूटर लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य के खिलाफ सारे सबूत खुद चीख-चीखकर हकीकत बयानी कर रहे हैं। एसआईटी इसी आधार पर उनके खिलाफ चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है। घटना से जुड़े अन्य राज का पता लगाने के लिए वह कोर्ट से पूरक चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति मांग सकती है। अनुमति मिलने पर मामले की विवेचना जारी रखकर अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं।
हत्या किसने कराई...एक कदम भी नहीं चल पाई एसआईटी
यह तो बच्चों को भी पता है कि अतीक-अशरफ की हत्या तीन शूटरों ने की, लेकिन यह किसने कराई? यह वो सवाल है, जिसे पता करना ही एसआईटी की सबसे बड़ी चुनौती है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी कितने ही दावे करे, लेकिन इस दिशा में एक कदम भी बढ़ती हुई नहीं दिख रही है। अभी तक की जांच से यह साफ हो चुका है कि इन शूटरों की हैसियत ऐसी कतई नहीं कि वो सात-आठ लाख रुपये मूल्य की विदेशी पिस्टल खरीद सकें। होटलों में ठहर सकें और किसी न्यूज चैनल का कैमरा-माइक लेकर पुलिस कस्टडी में हत्या की साजिश रच सकें। जाहिर है, इसके पीछे कोई ब़ड़ा खिलाड़ी है। वो कौन है, इसे हर कोई जानना चाहता है।