इसके पहले मामले की सुनवाई शुरू होते ही तीनों आरोपियों शनि, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्या जारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट के सामने उपस्थित हुए लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य की पैरवी के लिए उसके अधिवक्ता की पुकार की गई, लेकिन वह कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इसके बाद कोर्ट ने शनि का पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता रत्नेश कुमार शुक्ला को न्याय मित्र नियुक्त की और सुनवाई के लिए आगे की तिथि नियत कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरी ने बताया कि अगली सुनवाई पर अदालत तीनों आरोपियों पर आप तय कर सकती है।
आरोपी अरुण, लवलेश और शनि सिंह के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302, 307, 302, 120 बी, 419, 420, 467, 468 आर्म्स एक्ट 377 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया है। इसका विचारण जिला जज संतोष राय के8 अदालत में चल रहा है।