सीडीआर निकलवाने के प्रयास में पुलिस
उधर सूत्रों का कहना है कि दोनाें मोबाइल के आईएमईआई नंबर के जरिए पुलिस ने उन सिमों के नंबर की जानकारी जुटा ली, जिनका इस्तेमाल इन दोनों मोबाइल में किया गया। अब इन नंबरों की सीडीआर निकलवाने के प्रयास में पुलिस जुटी है। जानकारों का कहना है कि सीडीआर से यह पता चल सकेगा कि शूटर किसके संपर्क में थे। कई अन्य सवालों का भी जवाब मिल सकेगा कि उनके मददगार कौन थे।
इसके साथ ही दोनों मोबाइल से डाटा रिकवर कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। दरअसल पुलिस को बरामद मोबाइल से हत्याकांड के संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका है। यह भी आशंका है कि वारदात से पहले ही शूटरों ने डाटा डिलीट कर दिया हो। ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें डर था कि सरेंडर के बाद मोबाइल मिलने पर अहम राज बाहर आ सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस डाटा रिकवर कराने की कोशिश में जुटी है।