माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही थी। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के पास दोनों की हत्या कर दी गई।
पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर राहत कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडियाकर्मी बनकर आए बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पर पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
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खबर लिखे जाने तक मौके पर भारी फोर्स के साथ-साथ कई वरिष्ठ अफसर पहुंच गए थे। गोलीबारी में एक सिपाही के भी घायल होने की सूचना है। उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ चार दिन की पुलिस कस्टडी में थे। शनिवार को तीसरे दिन धूमनगंज थाने के लॉकअप में बंद अतीक व अशरफ से एटीएस ने हथियार तस्करी की बाबत पूछताछ की थी।
रात लगभग साढ़े दस बजे जब दोनों को रुटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी मीडियाकर्मी बनकर दो बदमाश बाइक से आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोलियां लगने से अतीक व अशरफ लहूलुहान होकर गिर पड़े। दोनों को आनन-फानन में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से दो पिस्टल व छह खोखे मिले हैं। घटना की सूचना पर सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि उमेश पाल अपहरण कांड में एमपीएमएलए अदालत ने अतीक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
उमेश पाल हत्याकांड मामले में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान पूरा कचहरी परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। वकीलों की काफी भीड़ रही। कोर्ट में सरकारी वकील ने 14 दिन की रिमांड मांगी। इस पर अतीक के वकील ने कहा कि अतीक की तबीयत सही नहीं चल रही है, इसलिए रिमांड मंजूर न की जाए। कोर्ट ने दोनों की चार-चार दिन की रिमांड मंजूर की थी।
मेरे संबंध ISI और लश्कर से हैंः अतीक
कल कोर्ट में रिमांड कॉपी पेश की गई जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कॉपी के मुताबिक अतीक अहमद ने माना कि उसके संबंध आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर से थे। वह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था। पंजाब में ड्रोन के जरिए जो हथियार गिराए जाते हैं, मैं उनको खरीदता था। अतीक ने भी माना था कि उसके पास हथियारों की कोई कमी नहीं थी। उसने यह भी बताया था कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को भी हथियार ऐसे ही मिलते हैं। चार्जशीट में के मुताबिक अतीक ने यह भी माना था कि अगर उसे उन ठिकानों पर ले जाया जाए तो वह पैसा, हथियार और कारतूसों को बरामद करा सकता है।
जेल से जगह बताना संभव नहींः अशरफ
चार्टशीट के मुताबिक अशरफ अहमद ने कहा था कि हथियार और कारतूस जिस जगह पर रखे हैं, इसका पता वह जेल में बैठकर नहीं बता पाएगा। कुछ ठिकानों के बारे में मुझे पता है और कुछ के बारे में भाई अतीक को जानकारी है। ये ठिकाने खेतों में बने फार्म हाउस की तरह हैं। वहां जाकर ही बताया जा सकता है कि हथियार कहां है।
बेटे की मौत की खबर सुन फूट-फूटकर रोया माफिया
जिस वक्त असद अहमद का एनकाउंटर हुआ उस समय माफिया अतीक अहमद इलाहाबाद की कोर्ट में मौजूद था। वकीलों ने बताया कि असद के एनकाउंटर का समाचार सुनने पर अतीक फूट-फूटकर रोने लगा। एनकाउंटर का समाचार मिलने पर अधिवक्ताओं ने प्रसन्नता जाहिर की थी। एनकाउंटर का समाचार उस समय आया जब अतीक और अशरफ कोर्ट में जज के सामने मौजूद थे और रिमांड की अर्जी पर कुछ देर में फैसला आने वाला था।
16 दिन में दूसरी बार प्रयागराज लाा गया था माफिया
2019 से साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक पिछले 16 दिनों में दूसरी बार प्रयागराज लाया गया था। इससे पहले 27 मार्च को उसे साबरमती जेल से लाया गया था। 28 मार्च को उसे एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उमेश पाल अपहरण केस में उसे व दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। फैसले के बाद उसी रात उसे गुजरात के लिए रवाना कर दिया गया था।