साबरमती जेल से प्रयागराज लाते समय अतीक अहमद का काफिला कई जगह पर रुकाा। काफिला जहां भी रुकता है माफिया की धड़कने तेज हो जाती हैं और वह चारों तरफ से देखने लगता है और सिपाहियों से पूछने लगता है कि क्या हो गया।
साबरमती जेल से प्रयागराज लाते समय अतीक अहमद का काफिला कई जगह पर रुकाा। काफिला जहां भी रुकता है माफिया की धड़कने तेज हो जाती हैं और वह चारों तरफ से देखने लगता है और सिपाहियों से पूछने लगता है कि क्या हो गया। झांसी पुलिस लाइन में कुछ देर रुकने के बाद अतीक का काफिला जब आगे बढ़ा तो रास्ते में अचानक एक गाय का बछड़ा उसकी गाड़ी के आगे आ गया। इससे चालक ने अचानक गाड़ी को रोक दिया। एकाएक गाड़ी रुकने से माफिया सहम गया उसे लगा कि कहीं गाड़ी पटलने वाली तो नहीं है।
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पत्रकारों के सवाल पर बोला- काहे का डर
सोमवार को सुबह जब झांसी में अतीक अहमद का काफिला रोका गया। यहां पर कुछ देर तक ठहरने के बाद काफिला माफिया को लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। पुलिस लाइन में अतीक जब वाहन से उतरा तो पत्रकारों ने उससे पूछा कि डर तो नहीं लग रहा है। जवाब में अतीक बोला- काहे का डर। इसके पहले वाहन से उतरते ही उसने मीडिया कर्मियों से पूछा- और सब ठीक है।