उसकी टीम हार गई। वह हार से इतना बौखला गया कि जीतने वाली टीम के लड़कों को वह पीटने लगा। जब अध्यापकों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने अध्यापकों पर हाथ उठा दिया था। उस दिन स्कूल का मैदान अभिभावकों से भरा था। लोगों में काफी आक्रोश भी था लेकिन, अतीक का नाम सामने आने के बाद सब शांत हो गए थे। यहां तक स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी मामला दबाने की काफी कोशिश की। किसी ने भी थाने में शिकायत नहीं दर्ज कराई थी। उस समय सोशल मीडिया पर मामले को दबाने के लिए प्रधानाचार्य को काफी खरी खोटी सुनाई गई थी।
असद ही नहीं अतीक के अन्य बेटों का भी काॅलेज में यही हाल था। बड़े बेटे उमर को तो काॅलेज कैप्टन तक बना दिया गया था। उनकी दबंगई से स्कूल वाले भी त्रस्त थे। बेटों की असली दबंगई स्पोर्ट्स डे और क्रिसमस मेले के दौरान देखी जाती थी। सौ डेढ़ सौ लड़कों के साथ अतीक के बेटे निकलते तो किसी को कुछ समझते ही नहीं थे। छोटे दुकानदारों की पूरी दुकान ही साफ कर देते। घंटों झूलों पर सिर्फ अतीक के बेटों के दोस्त झलते, वह भी बिना पैसे दिए।
अतीक के नाबालिग बेटे की थी हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल
अतीक अहमद के नाबालिग बेटे ने 2017 में एक शादी समारोह में खुलेआम फायरिंग की थी। उस समय नाबालिग बेटे की उम्र लगभग 10 साल रही होगी। वायरल वीडियो में अतीक का नाबालिग बेटा शादी समारोह में सैकड़ों लोगों के सामने हवाई फायर कर रहा है। पीछे से तमाम लोग उसकी सराहना करते हुए चलाओ चलाओ की आवाज लगा रहा हैं। सामने बैठे लोग हंसते हुए दस साल के बच्चे को फायरिंग करते देख रहे हैं। हर्ष फायरिंग किस इलाके में और किसके शादी समारोह की गई थी, यह पता नहीं चल पाया है। वीडियो शुक्रवार को शहर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने कहा कि अतीक ने अपने बेटों को बचपन से ही फायरिंग की ट्रेनिंग दी थी, तो वे अपराध की दुनिया में क्यों नहीं जाएंगे।