कुलदीप के राष्ट्रीय खेल में पदक जीतने की सूचना गंगापार के मऊआइमा स्थित अलावलपुर गांव में उनके घर पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। घर पर जुटे लोगों ने कुलदीप के पिता को बधाई दी। पिता सुरेंद्र चंद्र ने सभी लोगों का अभिवादन किया और कुलदीप की जीत पर खुशी जाहिर की।
पदक जीतने के बाद कुलदीप ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि मेडल जीतने का लक्ष्य था, इसलिए चोट की कोई परवाह नहीं थी। पहली बार सीनियर नेशनल में प्रतिभाग करना और पदक जीतना सुखद अनुभव है। अब जूनियर नेशनल की तैयारी में जुटना है और वहां गोल्ड हासिल करने का लक्ष्य है। कुलदीप यादव स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया के बेंगलुरु कैंप में रहकर कोच विजीस एम. के सानिध्य में तैयारी कर रहे हैं।
पिता बेचते हैं दूध, मां गृहिणी
कुलदीप यादव पूर्व में कई वर्षों तक प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में कोच देवी प्रसाद और सत्येंद्र सिंह से एथलेटिक्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। उनके पिता सुरेश यादव दूध बेच कर जीविका चलाते हैं। मां सुषमा गृहिणी हैं। उनके तीन अन्य भाई भी एथलेटिक्स के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। कुलदीप की इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह समेत तमाम प्रशिक्षकों ने बधाई दी है।
अब तक की यह है उपलब्धि
प्रतियोगिता - स्थान - मेडल
राष्ट्रीय यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप - भोपाल - स्वर्ण
एशियन यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप - कुवैत - कांस्य
नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप - गुवाहटी - स्वर्ण
खेलो इंडिया यूथ गेम्स - तमिलनाडू - रजत
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स - लखनऊ - रजत
अंतरराष्ट्रीय पोल वाल्ट मीटिंग - दक्षिण कोरिया - रजत
अंडर-23 सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप - चंडीगढ़ - कांस्य
कांस्य पदक विजेता निकिता वर्मा, दांए से पहले।
- फोटो : अमर उजाला।
होमगार्ड पिता की बेटी ने फिर बढ़ाया मान, राष्ट्रीय खेल में दूसरी बार जीता पदक
नीतिका वर्मा के बुलंद हौसले ने कामयाबी की एक और लकीर खींच दी है। पिछले सप्ताह वर्ल्ड एथलेटिक्स ऑर्गेनाइजेशन की ओर से जारी की गई रैंकिंग में डिस्कस थ्रो के भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर जगह बनाने वाली नीतिका ने गोवा में खेले जा रहे राष्ट्रीय खेल में कांस्य पदक जीतकर शहर का मान एक बार फिर बढ़ाया है। इससे पहले भी वह गुजरात में आयोजित हुए राष्ट्रीय खेल में रजत पदक जीता था। नीतिका की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में कोच देवी प्रसाद से एथलेटिक्स का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली नीतिका ने 51.27 मी. का थ्रो फेंककर यह उपलब्धि हासिल की है। वहीं सीमा पुनिया ने 52.51 मी. और निधि रानी ने 51.69 मी. की दूरी पर थ्रो करके क्रमश: पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है। नीतिका ने पदक जीतने के बाद बताया कि यह उनका अबतक का सबसे सर्वश्रेष्ठ थ्रो है।
देश की नंबर वन खिलाड़ी बनना है लक्ष्य
उनका लक्ष्य देश की नंबर एक डिस्कस थ्रो की खिलाड़ी बनने का है। नीतिका ने हाल ही में कर्नाटक में आयोजित हुई 62 वीं राष्ट्रीय ओपेन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। मूलतः उन्नाव की रहने वाली नीतिका वर्मा के पिता रामलाल वर्मा होमगार्ड हैं। वहीं परिवार में मां गोमती वर्मा गृहिणी हैं। नीतिका खेल कोटे से आटीबीपी में नौकरी भी कर रही हैं।
- नीतिका वर्मा की उपलब्धियां
खेलो इंडिया दिल्ली - 2017 - कांस्य
यूथ नेशनल गुजरात - 2017 - रजत
फेडरेशन कप गुजरात - 2019 - रजत
जूनियर नेशनल गुवाहटी - 2021 - कांस्य
अंडर-23 चैंपियनशिप दिल्ली - 2021 - कांस्य
राष्ट्रीय खेल गुजरात - 2022 - रजत
ओपेन चैंपियनशिप कर्नाटक - 2022 - कांस्य
ओपेन नेशनल कर्नाटक - 2023 - रजत