प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद भले ही सैकड़ों किमी दूर अहमदाबाद जेल में बंद हो, लेकिन उसके गुर्गों के कारनामे जारी हैं। वह रंगदारी मांगने से लेकर जमीन हड़पने तक का काम अब भी कर रहे हैं। करेली में सामने आए ऐसे ही एक मामले में अतीक के गुर्गे ने जमीन के नाम पर 27 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित अधिवक्ता ने जमीन न मिलने पर रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करेली के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मो. उमर खान अधिवक्ता हैं। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि मरियाडीह के रहने वाला नूर हमजा ने 2015 में जमीन के नाम पर उनसे 27 लाख रुपये लिए। इनमें से कुछ रकम बताए गए अकाउंट में अपने एसबीआई के खाते में ट्रांसफर किए जबकि शेष रकम का भुगतान नकद में किया। सात साल बीतने के बाद भी उसने जमीन का बैनामा नहीं किया। यही नहीं रुपये वापस मांगने पर खुद के साथ ही अपने साथियों से भी जान से मारने की धमकी दिलवा रहा है। पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि वह लगातार इस मामले की शिकायत करते रहे लेकिन करेली थाने की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 17 जनवरी को उसने मामले की शिकायत एसपी सिटी से की। जिन्होंने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। इसके बाद इस मामले में नामजद एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी अतीक गैंग का सदस्य है जिसने कई अन्य लोगों के साथ भी इस तरह की घटनाएं की हैं। करेली पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी, गालीगलौज व अमानत में ख्यानत के आरोप में केस दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
अवैध प्लाटिंग में पीडीए दर्ज करा चुका है केस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नूर हमजा पर पहले भी जमीन के मामले में केस दर्ज हो चुके हैं। अगस्त 2018 में पुलिस, प्रशासन व प्रयागराज विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने अतीक अहमद व उसके करीबियों की ओर से करेली व आसपास के इलाकों में लगभग 1200 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया था। इनमें अलीना सिटी, अहमद सिटी समेत अन्य अवैध टाउनशिप शामिल थीं। इस मामले में पीडीए की ओर से करेली में कुल नौ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन्हीं में से एक मुकदमे में अतीक के करीबी जुबैर, कम्मो, जाबिर, जैद खालिद के अलावा नूर हमजा भी नामजद है। आरोप था कि इन लोगों ने बख्शी मोढ़ा में अतीक के लिए अवैध प्लाटिंग की।