अतीक अहमद के पास विदेशी नस्ल के पांच कुत्ते हैं। चकिया के जिस मकान में शाइस्ता रहती थीं, उसे ढहा दिया गया। इसके बाद से घर के कुत्तों को अतीक के पैत्रिक घर के अहाते में बांध दिया गया है।
अतीक अहमद के पास विदेशी नस्ल के पांच कुत्ते हैं। चकिया के जिस मकान में शाइस्ता रहती थीं, उसे ढहा दिया गया। इसके बाद से घर के कुत्तों को अतीक के पैत्रिक घर के अहाते में बांध दिया गया है। दिन रात मांस खाने वाले विदेशी नस्ल के अब बंधे बंधे भूख प्यास से भौंकते रहते हैं। मुहल्ले के लोग अंधेरा होने के बाद चुपके से सूखी रोटी और हड्डियां आदि चीजें कुत्तों के सामने फेंक देते हैं। यही खाकर कुत्ते जिंदा हैं।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि मुहल्ला छोड़िए आस पास रहने वाले अतीक के रिश्तेदार तक कुत्तों को भोजन देने से डर रहे हैं। बताया जाता है कि विदेशी नस्ल के इन कुत्तों को मुंबई के व्यापारी ने अतीक को गिफ्ट में दिया था।