सुबह होने के बाद पुलिस के काफिले के पीछे बड़ी संख्या गाड़ियों से तमाम लोग चल रहे थे। इनमें मीडियाकर्मी भी शामिल थे। यह सब देखकर अतीक के चेहरे पर अलग भाव आने लगा। झांसी में फ्लीट रुकने पर एक मीडियाकर्मी ने पूछा कि डर लग रहा है क्या। इस पर अतीक ने कहा कि ‘किस बात का डर’।
झांसी से पहले शिवपुरी में लघुशंका के लिए अतीक ने फ्लीट रुकवाई। वहां भी पत्रकारों को देखकर उसने मूंछ पर दो बार हाथ फेरा और मुस्कुराते हुए मीडियाकर्मियों को धन्यवाद दिया। सब ठीक है, यह भी पूछा।
साफ था कि साबरमती जेल के बाहर अतीक के चेहरे पर जो मायूसी और परेशानी दिख रही थी, वह शिवपुरी और झांसी आते आते काफी हद तक कम हो गई थी।
बहन ने कहा, अतीक बीमार इसलिए साथ चल रहे हैं
अतीक की बहन आयशा नूरी, भांजी और परिवार की एक अन्य महिला अतीक की फ्लीट के पीछे पीछे कार से चल रही थी। आयशा नूरी ने बताया कि राजस्थान में वह फ्लीट के पीछे हुईं। आयशा का कहना था कि अतीक अहमद बीमार है। उन्हें डर है कि अतीक अहमद के साथ कोई घटना हो सकती है, इसलिए परिवार वाले साथ साथ चल रहे हैं।
वकील बोले, अतीक के साथ अनहोनी न हो, इसलिए आया हूं
अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा ही अतीक की बहन तथा अन्य लोगों को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अतीक के साथ कोई अनहोनी न हो। इसलिए वे आए हैं। उन्होंने कहा कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट जाएंगे।
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