फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदलते रहे अतीक के हावभाव: मूंछों को भी दिया ताव, साबरमती जेल से मायूस निकला, UP में आते ही चेहरे पर आई मुस्कान

Tue, 28 Mar 2023 10:41 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सफर के दौरान अतीक अहमद के हावभाव बदलते रहे। उसने मूंछों को भी ताव दिया। अतीक साबरमती जेल से मायूस होकर निकला था लेकिन यूपी में आने के बाद चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। पत्रकारों से कई बार बात करने की कोशिश की, हालचाल पूछकर धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
Ateeq Ahmed - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साबरमती जेल से निकलने के बाद जिस अतीक के चेहरे पर मायूसी और परेशानी के भाव थे, वे यहां पहुंचते ही बदल गए। साबरमती जेल के बाहर जिस अतीक ने अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसी अतीक ने सोमवार की सुबह जब यूपी की सीमा में प्रवेश किया तो पत्रकारों से कहा कि ‘किस बात का डर’। 
विज्ञापन


उसने अपनी मूंछों पर हाथ भी फेरा। चर्चा है कि खुद को सुरक्षित देखकर अतीक में आत्मविश्वास आ गया था। साबरमती जेल में रविवार की सुबह प्रयागराज पुलिस की टीम देखकर अतीक घबरा गया था। वह पुलिस टीम के साथ प्रयागराज आने को कतई तैयार नहीं था। उसने हाइपरटेंशन, बीपी, शुगर और रीढ़ की हड्डी की बीमारी का बहाना भी बनाया। 

कोर्ट की भी धमकी दी लेकिन पुलिस टीम के पास उसे ले जाने के लिए प्रोडक्शन वारंट था। रविवार की शाम करीब छह बजे अतीक साबरमती जेल से बाहर निकला तो उसने काला कुर्ता पहन रखा था। सिर पर सफेद गमछा बांधे चेहरे से मायूस और निराश लग रहा था। 
विज्ञापन


वह जेल से बीमार की तरह बाहर निकला और चलते वक्त बोला कि कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर मेरी हत्या करने चाहते हैं। इनका प्रोग्राम मुझे मालूम है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रास्ते में भी वह काफी मायूस था। रात में जहां भी गाड़ी रुकती, वह बुरी तरह से डर जाता लेकिन सोमवार की सुबह होने के बाद उसका रुख धीरे-धीरे बदलने लगा। 

सुबह होने के बाद पुलिस के काफिले के पीछे बड़ी संख्या गाड़ियों से तमाम लोग चल रहे थे। इनमें मीडियाकर्मी भी शामिल थे। यह सब देखकर अतीक के चेहरे पर अलग भाव आने लगा। झांसी में फ्लीट रुकने पर एक मीडियाकर्मी ने पूछा कि डर लग रहा है क्या। इस पर अतीक ने कहा कि ‘किस बात का डर’। 

 

झांसी से पहले शिवपुरी में लघुशंका के लिए अतीक ने फ्लीट रुकवाई। वहां भी पत्रकारों को देखकर उसने मूंछ पर दो बार हाथ फेरा और मुस्कुराते हुए मीडियाकर्मियों को धन्यवाद दिया। सब ठीक है, यह भी पूछा।
 

साफ था कि साबरमती जेल के बाहर अतीक के चेहरे पर जो मायूसी और परेशानी दिख रही थी, वह शिवपुरी और झांसी आते आते काफी हद तक कम हो गई थी।
बहन ने कहा, अतीक बीमार इसलिए साथ चल रहे हैं
 

अतीक की बहन आयशा नूरी, भांजी और परिवार की एक अन्य महिला अतीक की फ्लीट के पीछे पीछे कार से चल रही थी। आयशा नूरी ने बताया कि राजस्थान में वह फ्लीट के पीछे हुईं। आयशा का कहना था कि अतीक अहमद बीमार है। उन्हें डर है कि अतीक अहमद के साथ कोई घटना हो सकती है, इसलिए परिवार वाले साथ साथ चल रहे हैं।

विज्ञापन

वकील बोले, अतीक के साथ अनहोनी न हो, इसलिए आया हूं
अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा ही अतीक की बहन तथा अन्य लोगों को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अतीक के साथ कोई अनहोनी न हो। इसलिए वे आए हैं। उन्होंने कहा कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट जाएंगे।

यह भी पढ़ें: Prayagraj : ऑपरेशन अतीक पर सबसे बड़ा सवाल- क्या विकास दुबे जैसा होगा माफिया डॉन का हाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें