पुलिस चार सालों में नहीं खोज पाई अतीक का लाइसेंसी असलहा
2016 में निरस्त हुए थे दो लाइसेंस, अब तक नहीं किए जा सके बरामद
प्रयागराज। अतीक अहमद व उसके गिरोह के खिलाफ पुलिस भले ही लगातार कार्रवाई कर रही हो लेकिन उसके लाइसेंसी असलहे खोज पाने में पुलिस नाकाम रही है। चार साल में भी पुलिस उसके दो लाइसेंसी असलहों का पता नहीं लगा पाई है। यह हाल तब है जब न सिर्फ नोटिस बल्कि उसके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं।
अहमदाबाद जेल में बंद अतीक अहमद के नाम पर 2007 में दो शस्त्र लाइसेंस जारी हुए थे। इनमें से एक पिस्टल जबकि दूसरा राइफल का था। दिसंबर 2016 में तत्कालीन डीएम ने दोनों ही शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। चार साल बीत चुके हैं लेकिन अब तक शस्त्र न थाने में दाखिल कराए गए और न ही किसी अधिकृत दुकान पर जमा कर उसकी रसीद थाने में प्रस्तुत की गई। पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी कि अतीक के लाइसेंसी असलहे कहां और किसके पास हैं।
तीन साल तक सोती रही पुलिस
लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद अतीक के दोनों शस्त्र अब तक न बरामद होने की बड़ी वजह पुलिस की लापरवाही भी रही। लाइसेंस 2016 में ही निरस्त होने के बावजूद पुलिस लगभग तीन सालों तक चुपचाप बैठी रही। शासन स्तर से कार्रवाई का दबाव पड़ तब जाकर इस साल नींद टूटी और तब फरवरी में पुलिस ने अतीक के करबला स्थित घर पर नोटिस चस्पा किया गया। नोटिस के बाद भी असलहे न जमा कराए जाने पर मार्च में खुल्दाबाद थाने में अतीक के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में दो मुकदमे दर्ज किए गए।
फैक्ट फाइल
5 कुल असलहे थे अतीक व उसके पत्नी के नाम पर
2 असलहे (एक पिस्टल व एक राइफल) थे अतीक के नाम पर
4 साल पहले हो चुका है दोनों असलहों का निरस्तीकरण
2 केस इसी साल फरवरी में दर्ज किए गए थे अतीक के खिलाफ
10 साल बाद बरामद हुई अशरफ की पिस्टल
अतीक के भाई अशरफ की पिस्टल लाइसेंस निरस्तीकरण के 10 साल बाद पुलिस हाल ही में बरामद कर सकी है। बता दें कि उसकी पिस्टल का लाइसेंस 2007 में ही निरस्त कर दिया गया था। उधर अतीक गिरोह के सदस्य व उसके साढ़ू इमरान की लाइसेंसी राइफल भी पुलिस नहीं बरामद कर सकी है जबकि 2008 में ही उसका लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है।
लाइसेंस निरस्तीकरण के बाद भी असलहे न जमा कराने पर विधिक कार्रवाई की गई है। साथ ही असलहों की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी