सरकार बोली...फर्जी दस्तावेज से मिली थी नौकरी
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि मृतक ने कथित रूप से जाली दस्तावेज देकर नौकरी पाई थी और उसकी नियुक्ति शुरू से ही अमान्य मानी गई। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि रिकॉर्ड पर कहीं भी ऐसा नहीं है कि किसी सक्षम अधिकारी ने नियुक्ति को अमान्य घोषित किया हो।
कोर्ट की टिप्पणी
मरे व्यक्ति के खिलाफ जांच या सेवा समाप्ति की कार्यवाही न तो संभव है और न ही कानून में इसका कोई आधार है। यह समझ से परे है कि अधिकारी ने 2022 में आदेश कैसे जारी कर दिया, जबकि कर्मचारी 2021 में ही नहीं रहा।
अदालत की चेतावनी
अदालत ने निदेशक बेसिक को एक हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर उन्हें अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।