प्रयागराज। छात्रा से दुष्कर्म के मामले मेें एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव रविवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसे एक दिन पहले गिरफ्तार किया था।
बता दें कि आरोपी प्रोफेसर पर मूल रूप से गाजीपुर जिले की रहने वाली युवती ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि घटना को तब अंजाम दिया गया जब वह कुछ साल पहले बैंक रोड पर किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसका आरोप था कि 2014 में मदन यादव ने शादी का झांसा देकर उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद तो वह जल्द ही शादी करने की बात कहता रहा। लेकिन चार साल बाद एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होने के बाद उसने शादी से साफ इंकार कर दिया। छात्रा का आरोप है कि जब उसने असिस्टेंट प्रोफेसर की मां से शिकायत करनी चाही तो उसे धमकाया गया। बता दें कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे आरोपी की तलाश में 27 दिसंबर की रात गाजीपुर स्थित उसके पैतृक घर में छापा भी मारा था लेकिन वह नहीं मिला। हालांकि रविवार को पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार कर लिया जब वह यहां से कहीं भागने की फिराक में था। कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सुलह के लिए धमकाने का भी हुआ मुकदमा
उधर एक दिन पहले पीड़िता ने कर्नलगंज थाने में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव पर सुलह के लिए दबाव बनाने को धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। इस मामले में आरोपी के फूफा समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। युवती का आरोप है कि सुलह की बात न मानने पर जान से मारने की धमकी दी और गालीगलौज की।
कुर्की की कार्रवाई की भी थी तैयारी
उधर पुलिस ने यह भी बताया कि लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की भी तैयारी कर ली गई थी। तीन दिन पहले ही पुलिस ने न्यायालय से 82 की कार्रवाई की अनुमति भी प्राप्त कर ली थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी प्रोफेसर के गाजीपुर स्थित घर पर कुर्की की कार्रवाई का नोटिस चस्पा जारी किया जाना था। हालांकि इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।