दुष्कर्म के आरोपी सीएमपी डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने आरोपी शिक्षक सत्यवान नायक को कॉलेज में काम करने से रोक दिया गया है। साथ ही वेतन का भुगतान भी रोक दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय पिछले दिनों सीएमपी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिया गया।
सीएमपी के कॉमर्स विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव पर एक युवती ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2013 में मदन ने उस युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती का कहना था कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी मिलने के बाद मदन उससे शादी करने से मुकर गया। युवती की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और कुछ दिनों पहले असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद सीएमपी गवर्निंग बॉडी की बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा विधि विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर सत्यवान नायक को काम करने से रोक दिया गया है। सत्यवान पर आरोप है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी हासिल करने के लिए अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाया। कॉलेज प्रशासन ने सत्यवान नायक को पिछले साल 16 दिसंबर तक अनुसूचित जनजाति का नया प्रमाणपत्र देने का था कि वह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। सत्यवान का वेतन भी रोक दिया गया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि गवर्निंग बॉडी के निर्णय के आधार पर हुई कार्रवाई से इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। वहीं, मदन यादव के जेल में होने के निलंबन की सूचना उनके आवास पर भेज दी गई है।