लोक नाट्यविद अतुल यदुवंशी के नेतृत्व में कलाकार दोपहर दो बजे संगम नोज पहुंचे। झंडे, बैनर के साथ संगम तट पर हु वह धरने पर बैठ गए। इस अनूठे प्रदर्शन ने संगम पर हर किसी का ध्यान खींचा। कलाकारों ने मां गंगा का आचमन करते हुए जल में गले तक खड़े होकर एनसीजेडसीसी प्रेक्षागृह की किराया वृद्धि वापस करने के नारे लगाए।
देश के सात राज्यों की कला-संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह की किराया वृद्धि के खिलाफ शुक्रवार को कलाकार सड़कों पर उतर आए। रंगकर्मियों, नाट्य निर्देशकों के साथ लोक नृत्य और गायन की विधाओं से जुड़े कलाकारों ने संगम नोज पर प्रदर्शन किया। इसके बाद लेटे हनुमान जी को प्रथम ज्ञापन अर्पित कर संस्कृति मंत्रालय से किराया वृद्धि वापस लेने की गुहार लगाई।
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लोक नाट्यविद अतुल यदुवंशी के नेतृत्व में कलाकार दोपहर दो बजे संगम नोज पहुंचे। झंडे, बैनर के साथ संगम तट पर हु वह धरने पर बैठ गए। इस अनूठे प्रदर्शन ने संगम पर हर किसी का ध्यान खींचा। कलाकारों ने मां गंगा का आचमन करते हुए जल में गले तक खड़े होकर एनसीजेडसीसी प्रेक्षागृह की किराया वृद्धि वापस करने के नारे लगाए। इसके बाद बड़े हनुमान जी का दर्शन कर ज्ञापन अर्पित किया।
कलाकारों को नेतृत्व कर रहे नाट्य निर्देशक अतुल यदुवंशी ने कहा कि एनसीजेडसीसी का प्रेक्षागृह लंबे समय से कलाकारों के लिए एक रचनात्मक स्थल के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहा है, लेकिन मौजूदा समय अनुचित एवं अन्यायपूर्ण व्यवसायीकरण की नीतियों की वजह से कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों पर किराया वृद्धि के नाम पर आर्थिक बोझ लादा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीजेडसीसी के अधिकारियों की ओर से हाल ही में लिया गया किराया वृद्धि का निर्णय निराशाजनक हैं।