भर्ती आयोगों के पुनर्गठन की मांग को लेकर बालसन चौराहे पर रोजगार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले क्रमिक अनशन पर बैठे प्रतियोगियों को पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया और दर्जनों प्रतियोगी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस लाइन में ले जाकर बंद कर दिया। हालांकि देर शाम सभी को रिहा कर दिया गया। प्रतियोगी शुक्रवार को इलाहाबाद आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदेश में भर्तियां ठप होने से प्रतियोगियों में गुस्सा है।
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति न होने से प्रदेश भर में दस माह से भर्ती प्रक्रिया पूरी से ठप पड़ी है। प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि तीन भर्ती संस्थाओं का पुनर्गठन हर हाल में 15 जनवरी तक कर लिया जाएगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। लाखों प्रतियोगियों का भविष्य दांव पर लगा है। बालसन चौराहे पर कई दिनों से प्रतियोगी बेमियादी क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ इलाहाबाद आए तो सैकड़ों प्रतियोगी दोपहर डेढ़ बजे के आसपास बालसन चौराहे पर इकट्ठा हो गए और सीएम से मिलने के लिए मेला क्षेत्र की ओर जाने की तैयारी करने लगे लेकिन आगे बढ़ने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। मौके पर पचास से अधिक प्रतियोगी छात्रों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाकर बंद कर दिया गया।
इसके बाद भी बाकी प्रतियोगी बालसन चौराहे पर डटे रहे और उनका क्रमिक अनशन जारी रहा लेकिन एक घंटे बाद पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें भी हटा दिया। गिरफ्तार प्रतियोगी छात्रों ने पुलिस लाइन में ही सभा की और प्रदेश व्यापी आंदोलन की घोषणा की। तय हुआ कि 23 जनवरी को प्रदेश भर से प्रतियोगी छात्र लखनऊ में इकट्ठा होंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे। देर शाम रिहा होने के बाद भी प्रतियोगियों ने विरोध में प्रदर्शन किया। बालसन चौराहे से जिनकी गिरफ्तारी हुई, उनमें युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, प्रदेश संयोजक राजेश सचान, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष अंतस सर्वानंद, आइसा नेता शक्ति रजवार, रणविजय विद्रोही, रोजगार अधिकार आंदोलन के विवेक वर्मा, मनमोहन सिंह समेत सुनील मौर्य, शैलेश पासवान, अलिक मौर्य, संगीता पाल, उदय लोधी, दिगेंद्र, अरविंद मौर्य, राघवेंद्र यादव, रक्षामंत्री यादव, अश्विनी यादव, भूदेव यादव, राहुल यादव क्रांति, अविनाश विद्यार्थी, आशीष अतरौलिया, अरविंद सरोज, विकास, संजय सिंह, अमित कुशवाहा, गंगाधर प्रजापति आदि शामिल रहे।
ये हैं प्रतियोगियों की प्रमुख मांगें
0 उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एवं अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति तत्काल की जाए, लंबित परीक्षाएं कराई जाएं और लंबित परिणाम अविलंब घोषित किए जाएं।
0 पूर्व की सरकार की ओर से जीआईसी विद्यालयों में मेरिट के आधार पर निकाले गए एलटी ग्रेड शिक्षकों के 9342 पदों पर भर्ती का विज्ञापन रद्द कर नए सिरे से लिखित परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया जाए।
0 माध्यमिक विद्यालयों में तदर्थ शिक्षक भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाए और 34 हजार पदों को खाली मानते हुए शीघ्र परीक्षा कराई जाए। साथ ही 2013 बैच के तकरीबन 700 चयनित शिक्षकों को तत्काल ज्वाइन कराय जाए।
0 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भाषा एवं सामाजिक विषयों के रिक्त पदों पर विज्ञान और गणित विषयों में भर्ती की जाए।
0 रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने संबंधी प्रस्ताव को विधानसभा से पास कर केंद्र को भेजा जाए।