इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के कोतवाली थाने में करीब तीन साल बाद दर्ज एफआईआर के मामले में आरोपी संजय बिंद की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह राहत अगली सुनवाई या पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहने का आदेश दिया है। याची को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने दिया।
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याची के अधिवक्ता ने कहा कि एफआईआर में डकैती, हत्या का प्रयास सहित कई आरोप लगाए गए हैं। घटना 14 दिसंबर 2023 की बताई गई है, जबकि एफआईआर 21 अगस्त को दर्ज कराई गई। दुर्भावनापूर्ण तरीके से करीब पौने तीन साल बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार और अन्य विपक्षियों को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बाद याची को प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।