कहा कि अगर वह पेपर लीक करा दे तो वह एक झटके में अमीर बन जाएगा। इसके बाद दोनों मिलते रहे। बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल को आरओ/एआरओ परीक्षा केंद्र बनाने की जानकारी कमलेश ने सौरभ को दी तो उसने उसे पेपर लीक कराने को कहा। यही नहीं लखनऊ बुलाकर कमलेश को डॉ. शरद से कई बार मिलवाया। इसके बाद ही कमलेश ने डॉ. शरद व सौरभ के कहे अनुसार परीक्षा वाले दिन अर्पित की मदद से स्कूल पहुंचकर पेपर का फोटो खींचा और सौरभ के मोबाइल पर भेज दिया।
बैंक खातों की भी जांच कर रही एसटीएफ
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, अर्पित व कमलेश समेत गिरोह के सभी सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इन खातों में रुपये कहां-कहां से भेजे गए। साथ ही इन खातों से किन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए। अफसरों का मानना है कि इससे गिरोह के कई अन्य मददगारों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
सिविल लाइंस पुलिस कर चुकी है पूछताछ
तीन दिन पहले गिरफ्तार अर्पित, कमलेश, सौरभ शुक्ला व डॉ. शरद से सिविल लाइंस पुलिस भी पूछताछ कर चुकी है। थाने की एक टीम ने कौशाम्बी पहुंचकर जेल भेजे जाने से पहले आरोपियों से पूछताछ की थी। अब इन चारों के साथ ही कुल 11 आरोपियों को बी वारंट पर तलब कर उनका रिमांड बनवाने की तैयारी है। इनमें से 10 का बी वारंट कौशाम्बी जबकि सरगना राजीव नयन का बी वारंट मेरठ जेल में तामील कराया जाएगा। दोनों जगह से लाकर कोर्ट में पेश किए जाने पर उनका रिमांड बनवाया जाएगा।