लॉक डाउन में आव-ओ-हवा सही होने के साथ मई में भी गर्मी गुम है। सूरज और बादलों की लुकाछिपी से एक पखवारे से मौसम की मनमानी जारी है। अप्रैल के मध्य से चरम पर होने वाली गर्मी फिलहाल मई में भी परवान नहीं चढ़ रही है। दिन में धूप की तल्खी तो रात में हल्की ठंड बरकरार है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मौसम की यह खुशगवार स्थिति दस से 15 मई तक बनी रहेगी।
अप्रैल में 15 तारीख तक गर्मी के तेवर तल्ख हो जाया करते थे। इस बार अप्रैल के अंतिम दो सप्ताह मौसमी उठपटक वाले रहे। 19 अप्रैल को सिर्फ एक बार अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार गया। वहीं बीस अप्रैल की रात सबसे ज्यादा गर्म रही। इस दिन न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस तक गया। यह स्थिति पूरे महीने दो बार आई फिर 16 से 23 डिग्री के आसपास डोलता रहा।
चार बार बारिश ने भिगोया, बूंदाबांदी भी
बीते अप्रैल माह में दस दिन बादलों का डेरा रहा। चार बार बारिश ने भिगोया, कई बूंदाबांदी भी हुई। अप्रैल की 20, 21, 26 और 30 तारीख को हुई बारिश से वातावरण में नमी का स्तर असंतुलित रहा। अब मई में दो बार बादल गरज चुके हैं। रविवार रात अचानक हुई बारिश के बाद खिली धूप का असर रात आठ बजे बादलों ने समाप्त कर दिया। ठंडी हवाओं ने मौसम खुशनुमा कर दिया। चार मई को तापमान में फिर उछाल आया। अधिकतम पारा करीब तीन डिग्री बढ़कर 36.7 डिग्री और न्यूनतम पारा करीब चार डिग्री छलांग लगाकर 24.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। आर्द्रता का स्तर महीने भर पहली बार अधिकतम 96 प्रतिशत दर्ज किया गया।
छह तक बदरी बूंदी वाला मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक दिन में तेज धूप के बाद शोमवार शाम को छाए बादल अभी दो से तीन तक धमाचौकड़ी मचाएंगे। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से आ रही हवाओं के कारण मौसमी उठापटक जारी है। उन्होंने बताया कि अभी दो से तीन दिन तक धूल भरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान ओलावृष्टि भी हो सकती है। धूप छांव का मौसम दस से 15 मई तक बना रह सकता है। यदि तापक्रम किसी दिन बढ़ा तो शाम को बारिश और ठंडी हवाएं राहत देंगी। फिलहाल दस मई तक बदरी-बूंदी वाला मौसम बना रहेगा।
दस वर्ष में सबसे कम रहा तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते दस वर्ष में 15 अप्रैल से पांच मई के बीच पारा 40 ही नहीं इससे दो से तीन डिग्री ऊपर रहा। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में मई का औसत तापमान 41डिग्री रहा। बीते वर्षों में पारा औसतन 40 डिग्री के आसपास रहा। इस बार मई की शुरूआत में भी गर्मी परवान नहीं चढ़ रही है। औसत तापमान 36 डिग्री के बीच मापा गया है। लॉक डाउन के दौरान घरों में बैठे लोगों को एसी-कूलर की जरूरत कम से कम रात में तो नहीं पड़ रही है। सिर्फ पंखे की हवा में ही चादर ओढ़नी पड़ रही है।