इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता के भी तकरीबन चार सौ पदों पर भर्ती फंसी है। आयोग को अधियाचन मिल चुका है, लेकिन समकक्ष अर्हता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीईओ के भी तकरीबन तीन दर्जन पदों का अधियाचन आयोग को मिल चुका है, लेकिन इसमें भी समकक्ष अर्हता का विवाद है। आयोग ने इन दोनों भर्तियों को भी शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को अर्हता स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा है।
वहीं, अपर निजी सचिव (एपीएस) के तीन सौ से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आयोग के पास दो साल से अधियाचन पड़ा हुआ है, लेकिन यह भर्ती भी अर्हता के विवाद में फंसी है। पिछले दिनों इन सभी भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों ने आयोग में ज्ञापन दिए और विज्ञापन जारी करने की मांग की। अभ्यर्थियों से यही बताया गया कि अर्हता पर स्थिति स्पष्ट होते ही विज्ञापन जारी किया जाएगा।