फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UPHESC : पुनर्मूल्यांकन के चयनितों को नियुक्ति देना बड़ी चुनौती, अवमानना में फंसा उच्च शिक्षा विभाग

Thu, 20 Jul 2023 01:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पदाें पर भर्ती की गई थी। परिणाम आने के बाद मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने पांच विषयों की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराया था।
विज्ञापन
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अवमानना में फंसे उच्च शिक्षा विभाग के लिए पुनर्मूल्यांकन में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइन कराना बड़ी चुनौती है। रिक्त पदों पर पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है और पद खाली नहीं हैं, जबकि हाईकोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन में चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइन कराने का आदेश दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की तैयारी में है।

विज्ञापन


अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पदाें पर भर्ती की गई थी। परिणाम आने के बाद मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने पांच विषयों की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराया था, जिसमें 18 नए अभ्यर्थी चयनित घोषित किए गए थे। हालांकि, इससे पूर्व जो अभ्यर्थी चयनित हुए थे, उन्हें तब तक नियुक्ति मिल चुकी थी।

विज्ञापन

पद भर जाने के कारण नए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई। ऐसे में अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने नए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया। साथ ही पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के लिए कहा कि उन्हें भी बाहर न किया जाए और काम करने दिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया था।

हालांकि, निदेशालय ने उस वक्त अपील नहीं की और न ही नए चयनिताें को ज्वाइन कराया। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग को अवमानना का सामना करना पड़ा। उच्च शिक्षा निदेशालय के सामने अब भी यही संकट है कि जब पद रिक्त नहीं हैं तो नए अभ्यर्थियों को कैसे ज्वाइन कराया जाए। सहायक निदेशक शैलेंद्र तिवारी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टियां थीं, इसलिए अपील नहीं की जा सकी। निदेशालय सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें