फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रेमिका को उसके पिता की अभिरक्षा से छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट से गुहार, कोर्ट ने लड़की को कोर्ट में पेश करने का दिया आदेश

Thu, 26 Aug 2021 09:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बीएचयू के विधि संकाय से एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र प्रितोष यादव ने अपनी प्रेमिका को उसके माता-पिता द्वारा अवैध रुप से निरुद्ध किए जाने के आरोप में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।
 
विज्ञापन
allahabad high court - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मित्र की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर निरुद्ध लड़की को 31 अगस्त को कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस थाना प्रभारी रोहनिया, वाराणसी से सत्यापित करने को कहा है कि याची अपने पिता के घर अवैध रूप से निरुद्ध है या वहां अपनी मर्जी से रह रही हैं। कोर्ट ने विपक्षी पिता को भी नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने शिवानी गुप्ता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।
विज्ञापन


कोर्ट ने द्वितीय याची प्रितोष यादव को कथित निरुद्ध याची के पक्ष में 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट 27 अगस्त तक महानिबंधक के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है। बीएचयू के विधि संकाय से एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र प्रितोष यादव ने अपनी प्रेमिका को उसके माता-पिता द्वारा अवैध रुप से निरुद्ध किए जाने के आरोप में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।

याची के अधिवक्ता ने कहा की याची जो प्रितोष यादव की महिला मित्र है को उसके परिवार ने गत 26 मई से अवैध निरुद्धि में रखा है। जिलाधिकारी, वाराणसी के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 97 के तहत आवेदन देनें पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही पुलिस के तरफ से कोई कार्रवाई की गई। अपर शासकीय अधिवक्ता की तरफ से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत याची लड़की का दर्ज बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें