घर की बेटी की शादी की तरह महाकुंभ में सभी सहयोग करें। इसे दिव्य और भव्य बनाने के साथ ही स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी भी हम सबकी है। उत्तर प्रदेश के नग विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार को स्वच्छता अभियान के तहत आयोजित महाश्रमदान की शुरुआत करते हुए शहरवासियों से यह अपील की। उन्होंने दारागंज में कुनकुन श्रीशिवाला गली में अफसरों व सफाई मित्रों के साथ झाड़ू लगाई और सभी को स्वच्छता का संदेश दिया। सात दिवसीय स्वच्छता कार्यक्रम के छठवें दिन दशाश्वमेध घाट पर हुए आयोजन में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वह प्रयाग से 1980 से जुड़े हैं। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के लिए आए थे और तब से प्रयागराज को देखा। यहां कई कुंभ मेले में आए और शामिल हुए।
कहा कि आने वाले वर्ष में होने वाला महाकुंभ अद्वितीय, दिव्य और भव्य होने वाला है। ऐसा महाकुंभ आजतक किसी ने नहीं देखा होगा। नगर विकास मंत्री कहा कि इस महाकुंभ को सुंदर, अलौकिक और अद्वितीय बनाने में इसमें सबसे बड़ी भूमिका सफाई मित्रों की है। उनके चरणों को मैं नमन करता हूं। अब इस महाकुंभ के जरिये आपके प्रयासों से दुनिया में प्रदेश और देश का का सिर ऊंचा होने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने सफाई मित्रों को किट बांटी। इससे पहले नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने मंत्री और प्रमुख सचिव अमृत अभिजात पौधे लगे गमले भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस मौके पर महापौर गणेश केसरवानी, संयुक्त मिशन निदेशक जल निगम अमित सिंह, अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था में 3200 नए कर्मचारी भी शामिल
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ में सफाई-व्यवस्था के लिए 3200 सफाई कर्मचारी नए आ गए हैं। कुल करीब नौ हजार कर्मचारी लगाए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश से अधिकारियों की टीम और मशीनरी डाइवर्ट करके भी प्रयागराज में लगाई गई हैं। जब 40-45 करोड़ लोग देश-दुनिया से आने वाले हों तो बाहर से भी लोगों को सहयोग के लिए भेजा गया है।
जहां बड़े काम होते हैं तो छोटे दुष्परिणाम भी होते हैं
मंत्री ने कहा कि अब अगर मैं कह रहा हूं कि सब काम हो चुका है तो फिर मेरे आने की आवश्यकता क्या थी। आवश्यकता इसलिए थी, क्योंकि जहां बड़े काम होते हैं, वहां उसके छोटे-छोटे दुष्परिणाम भी होते हैं। सड़क बनेगी तो बालू रखी होगी। बिल्डिंग बन रही होगी तो उसका मलबा पड़ा होगा। ऐसे में कुछ रुकावटें आती हैं और दैनिक सफाई की जरूरत पड़ती है। इसलिए यह सफाई महायज्ञ बहुत जरूरी था। अगर हम सफाई रखना चाहते हैं तो हमें उसकी आदत होनी चाहिए।
सड़क पर गंदगी फेंकने वालों पर करें कार्रवाई
मंत्री एके शर्मा ने कहा कि सड़क किनारे जो चाय-समोसा बेचते हैं, उसका दोना-पत्तल सड़क सड़क किनारे नहीं फेंका जाना चाहिए। इसके लिए डस्टबिन लगाएं। जो दुकानदार ऐसा नहीं करते हैं, उन पर प्रशासन कार्रवाई करे। अब अगर कोई तीर्थ क्षेत्र में गंदगी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने में हम नहीं चूकेंगे। प्लास्टिक, पॉलिथीन का उपयोग न करें। घर की गृहणियां भी नगर की सफाई में अपना योगदान दें और कचरा बाहर न फेंके। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग रखें। संगम में स्नान करने वाले इस बात का विशेष ध्यान रखें की नदी में फूल-माला न डालें। विशेष रूप से प्लास्टिक न ले जाएं।