ज्योतिष एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने दो टूक कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की नीतियां हिन्दू धर्मविरोधी हैं। यह आरोप उन्होंने आरएसएस नेताओं की ओर से हिन्दू धर्म के बारे में दिए गए बयानों के आधार पर लगाया है। कहा, हिंदू की मुख्य पहचान तो यही है कि वह गाय को मां मानता और उसके मांस से परहेज करता है लेकिन संघ के वरिष्ठ प्रवक्ता मनमोहन वैद्य और सरकार्यवाह भैया जी जोशी ऐसे बयान दे रहे हैं जो हिंदू धर्म के खिलाफ है।
मनकामेश्वर मंदिर में प्रवास के दौरान रविवार को ‘अमर उजाला’से बातचीत में उन्होंने सरसंघचालक के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘हिंदू कोई धर्म नहीं है। यह एक जीवन प्रणाली है। शंकराचार्य ने जानना चाहा कि वह कौन सी प्रणाली है जो हिंदुओं को अन्य धर्मों से अलग करती है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। वहीं मनमोहन वैद्य कहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश के तीन हजार स्वयंसेवक गोमांस खाते हैं और हम अपने स्वयंसेवकों के आहार को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।
शंकराचार्य ने सवाल किया कि अगर गो भक्षक ही हिंदू है, तब हिंदू की पहचान ही क्या रह जाती है। इसी तरह उन्होंने भैया जी जोशी के हैदराबाद में दिए गए बयान को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने साईं की पूजा को वैध ठहराकर हिंदूवाद पर कड़ा प्रहार किया है। शंकराचार्य ने प्रत्येक घर में देशी गाय पालने पर जोर देते हुए गांव में गायों के लिए चारागाह भूमि को संरक्षित किए जाने की मांग की।