इसी तरह रसूलाबाद घाट से चंद्रशेखर आजाद सेतु (फाफामऊ) के नीचे गंगेश्वर मंदिर, अमिताभ बच्चन पुलिया से होकर नागवासुकि संपर्क मार्ग तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा। 7.80 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई 10 मीटर होगी। इस मार्ग के निर्माण से लखनऊ, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, रायबरेली की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को शहरी क्षेत्र के बाहर से ही संगम तक पहुंचने में आसानी होगी।
वहीं, गंगा के बाएं तट पर पूरे सूरदास से पीडब्ल्यूडी स्टोर, ओल्ड जीटी, गरीबदास आश्रम, काली रैंप होते हुए छतनाग तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से पूर्वांचल की भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।
महाकुंभ में आने वाली भीड़ के आकलन के आधार पर संगम तक पहुंचने वाले मार्गों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ही कटाव निरोधक क्षेत्र बनाने की परियोजनाएं तैयार की गई हैं। ऐसा होने से संगम तक श्रद्धालुओं को पहुंचने और डुबकी लगाने में आसानी होगी। - सिद्धार्थ कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल।