मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने जवाब तलब किया तो डॉ. आशुतोष के साथी डॉ. पंकज जायसवाल ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही डॉ. पंकज ने एसआईसी से माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने का भरोसा दिया।
मोतीलाल नेहरू मंडलीय अस्पताल (काल्विन) के दो आयुष डॉक्टराें की मिलीभगत व मनमानी का मामला सामने आया है। डॉक्टरों पर आरोप है कि दोनों अलग-अलग दिन ड्यूटी करते थे। एक डॉक्टर की अनुपस्थिति पर दूसरा डॉक्टर साथी डॉक्टर का फर्जी हस्ताक्षर कर देता था। इसकी जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) डॉक्टर नाहीदा खातून सिद्दीकी ने खुद रजिस्टर की जांच की। जांच में आयुष चिकित्सक डॉ. आशुतोष पांडेय का हस्ताक्षर रजिस्टर में मौजूद पाया गया, जबकि वह लखनऊ में थे।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने जवाब तलब किया तो डॉ. आशुतोष के साथी डॉ. पंकज जायसवाल ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही डॉ. पंकज ने एसआईसी से माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने का भरोसा दिया। लेकिन एसआईसी ने सख्ती बरतते हुए फटकार लगाई और दोनों डॉक्टरों का एक महीने का वेतन रोकने का निर्देश दे दिया।
साथ ही दोनों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। एसआईसी ने इस पूरे मामले की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी को भी पत्र लिखकर दी है। डॉ. नाहीदा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।