धूमनगंज के मुंडेरा में आर्थिक तंगी के कारण दुकानदार सत्येंद्र कुमार अग्रवाल ने खुदकुशी कर ली। उनका शव दुकान के भीतर फंदे पर लटका मिला। सूचना पर घरवालों के साथ ही पुलिस भी आ गई। जांच में पता चला कि लॉकडाउन के दौरान लिए कर्ज के कारण वह परेशान थे। चार दिन पहले शाहगंज स्थित खिलौना वाली गली में रहने वाले मोबाइल कारोबारी इरशादउल्लाह ने भी फांसी लगा ली थी। वह भी कर्ज के कारण अवसाद में थे।
मेरे ऊपर कर्ज है.. मैं यह कदम इसीलिए उठा रहा हूं... मेरे न रहने पर मेरे परिवार को परेशान न किया जाए... यही मेरी अंतिम ख्वाहिश है...
कालिंदीपुरम में ओमप्रकाश सभासद मार्ग पर भाई के घर अयोध्या से आए देव कुमार सरकार (50) पुत्र सुधीर कुमार सरकार फांसी पर झूल गए। वह अयोध्या में रहकर होटल में काम करते थे। सोमवार को वह कालिंदीपुरम में रहने वाले अपने भाई दीपू के पास आए थे। सिविल लाइंस स्थित मॉल में गार्ड भाई रात में उन्हें कमरे पर छोड़कर ड्यूटी पर चला गया। सुबह लौटकर आने पर उसने देवकुमार को फांसी पर लटका देखा। सूचना पर आसपास के लोगों के साथ क्षेत्रीय पार्षद अखिलेश सिंह भी आ गए। पता चला कि मृतक अविवाहित थे।
उधर, पुलिस के लापरवाह रवैये के चलते शव छह घंटे के बाद मर्चरी भेजवाया गया और देर होने के कारण मंगलवार को पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह सूचना देने के बाद इंस्पेक्टर मौके पर आए और जांच के बाद वापस चले गए। इसके बाद शाम चार बजे चौकी प्रभारी आए और तब जाकर पंचनामा भरने के बाद शव को मर्चरी भेजा गया। पुलिस की इस रवैये से लोगों में असंतोष भी रहा।