prayagraj news : गंगा में मिले लावारिश शव का अंतिम संस्कार करतीं महापौर अभिलाषा गुप्ता।
- फोटो : prayagraj
बारिश से गंगा में कटान का खतरा और बढ़ गया है। बृहस्पतिवार को फाफामऊ घाट पर कटान से रेत में दबा एक और शव बाहर दिखने लगा। जानकारी मिलने के बाद शव को बाहर निकलवा कर अंतिम संस्कार कराया गया। पहली बार फाफामऊ घाट पर रेत से निकले लावारिस शव को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने मुखाग्नि दी। इसी के साथ अब तक कटान की वजह से रेत से बाहर आने वाले शवों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
फिलहाल बारिश से हो रही कटान को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि कोरोना काल में जान गंवाने वाले तमाम लोगों के शवों को जगह न मिलने की वजह से रेत में ही दफना दिया गया था। फाफामऊ घाट पर रेत में दफनाए गए शवों के बाहर आने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को एक और शव रेत से बाहर दिखने के बाद घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई। सुबह एक और शव बाहर आने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह तत्काल मौके पर पहुंच गए।
prayagraj news : गंगा में मिले लावारिश शव का अंतिम संस्कार करतीं महापौर अभिलाषा गुप्ता।
- फोटो : prayagraj
उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त को बी इसकी सूचना दी। पता चलने पर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी खुद इस शव का अंतिम संस्कार करने फाफामऊ घाट पहुंची। महापौर ने चिता रामनामी ओढ़ाई। साथ ही पूरी हिंदू रीति केे साथ उन्होंने मुखाग्नि दी। महापौर ने घाट पर तैनात कर्मियों से स्थिति की जानकारी ली और श्मशान घाट की दशा देखी। उन्होंने वहां निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए। जोन अधिकारी ने बताया कि घाट पर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है। रेत से शव निकलने के बाद उनका परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में हैं।
हालांकि बारिश होने सेे कटान शुरू होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि जिस तरह सेे कटान हो रही है, उससे जल्द ही रेत में दबे और भी शव बाहर आ सकते हैं। ऐसे में घाटों पर नगर निगम की ओर से कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं,ताकि किसी भी समय शव दिखने पर जानकारी मिल सके। जल स्तर बढ़ने के साथ ही नगर निगम की ओर से गठित निगरानी समिति के सदस्यों को भी घाटों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।