इलाहाबाद। जार्जटाउन थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजीव तिवारी ने मंगलवार रात फटकार से नाराज होकर जीडी में एसएसपी जोगेंद्र कुमार के खिलाफ तस्करा डाला और छुट्टी पर चले गए। दरोगा की इस बगावत से खलबली मच गई। रात में ही प्रभारी थानाध्यक्ष को एसएसपी कैंप कार्यालय बुलाकर जानकारी ली गई। एसएसपी ने सीओ से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। दरोगा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
उपनिरीक्षक राजीव तिवारी इलाहाबाद में गऊघाट, राजरूपपुर, फाफामऊ चौकी प्रभारी के अलावा मांडा में थानाध्यक्ष भी रहे हैं। करीब चार महीने पहले सिविल लाइंस थाने के एसएसआई पद से स्थानांतरित कर उन्हें जार्जटाउन चौकी प्रभारी तैनात किया गया था। सोमवार दोपहर एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने दरोगा राजीव तिवारी को अपने कैंप कार्यालय में काम में लापरवाही पर फटकार दिया। इस पर गुस्साए दरोगा ने वहां से लौटकर जार्जटाउन थाने की जीडी में तस्करा डाला जिसमें लिखा कि एसएसपी साहब ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया, जिससे मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। अभी मैं काम करने की स्थिति में नहीं हूं। स्वास्थ्य सही होने पर मैं ड्यूटी पर आऊंगा। जीडी में तस्करा डालकर दरोगा राजीव थाने से निकल गए। मुंशी से यह जानकारी अफसरों तक पहुंची तो सब सन्न रह गए। प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया ने कैंप कार्यालय जाकर एसएसपी को इस बारे में बताया। आधी रात थाना प्रभारी जार्जटाउन भी अवकाश से लौट आए। उन्होंने भी सीओ कर्नलगंज से मिलकर इस मसले पर बात की। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ कर्नलगंज को सौंपकर उनसे रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। दरोगा राजीव तिवारी ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में कहा कि कुछ मसला था, जिसका जीडी में तस्करा डाला है। अभी मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं।
‘उपनिरीक्षक राजीव खुद मेरे पास कैंप कार्यालय में आया था। मैंने उससे 100 से ज्यादा मुकदमों की विवेचना लंबित होने के बारे में पूछा। साथ ही चोरी-छिनैती और लूट की एक भी घटना का वर्कआउट नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए काम पर ध्यान देने के लिए कहा।उस वक्त तीन दरोगा और मौजूद थे। दरोगा राजीव मेरे सवालों का सही जवाब नहीं दे सका और बाहर निकल गया। फिर उसने थाने जाकर जीडी में आपत्तिजनक तस्करा डाला जो घोर अनुशासनहीनता है। यह पुलिस रेगुलेशन का भी उल्लंघन है। सीओ कर्नलगंज से जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।’
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
एक और दरोगा ने कर दी थी बगावत
इलाहाबाद (ब्यूरो)। राजीव तिवारी जैसी बगावत करीब नौ साल पहले धूमनगंज थानाध्यक्ष रहे केके मिश्र ने की थी। तब यहां एसएसपी दीपेश जुनेजा थे। केके मिश्रा को अचानक आदेश जारी कर धूमनगंज में ही थानाध्यक्ष पद से हटाकर वहीं थाने में उपनिरीक्षक तैनात कर दिया गया था। इससे खिन्न मिश्रा ने थाने की जीडी में तस्करा डाला कि एसएसपी साहब ने आगरा में घर बनवाने के लिए पैसों की मांग की। इनकार किया तो उन्हें थानाध्यक्ष पद से हटाकर धूमनगंज में ही उपनिरीक्षक तैनात कर दिया। यह मामला काफी तूल पकड़ गया था। दरोगा ने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी।