इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्रों ने केपीयूसी छात्रावास के सामने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बृहस्पतिवार को एसआरएन अस्पताल में एक छात्र के साथ मारपीट करने के आरोप में छात्रों ने डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गाेयल ने किसी तरह मामला शांत कराया। वहीं, छात्रों ने चेतावनी दी है कि शनिवार की शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
कुछ दिन पहले छात्र मनीष के सिर पर चोट लगने से टांका लगा था, जिसे कटवाने के लिए बृहस्पतिवार शाम हॉलैंड हॉल छात्रावास का छात्र आर्यन झा उसके साथ एसआरएन अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों व कर्मचारियों ने पुराना पर्चा लाने का दबाव बनाकर बदसलूकी की। विरोध करने पर आर्यन को कमरे में बंद कर उसकी पिटाई की गई। आरोप लगाया कि रात में कोतवाली थाने में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चक्काजाम कर दिया। इससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। पूर्व छात्रनेता विवेकानंद पाठक और छात्रनेता प्रियांशु विद्रोही ने चेतावनी दी कि अगर शनिवार तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान आदर्श भदौरिया, विशाल सिंह रिशु, सौरभ गहरवार, अमित द्विवेदी, इंद्रजीत मौर्य समेत सैकड़ों की संख्या में छात्र मौजूद रहे।