बारा से भाजपा विधायक डॉ. अजय कुमार घूरपुर पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर समर्थकों के साथ थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। वह युवक को फर्जी मामले में जेल भेजने का आरोप पुलिस पर लगा रहे थे। बाद में पुलिस अफसरों ने जांच कराने का आश्वासन दिया तो तब कहीं डेढ़ घंटे बाद धरना समाप्त किया।
घूरपुर पुलिस ने करमा क्षेत्र के उमरी गांव के श्रीकृष्ण द्विवेदी को बुधवार को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है दलित उत्पीड़न के साथ ही युवक को बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में वह वांछित चल रहा था। उधर इसकी जानकारी पर दोपहर तीन बजे के आसपास सेमरा कल्वना स्थित कार्यालय पर दर्जनों की संख्या में समर्थक जुट गए और बारा विधायक को मामले की जानकारी दी।
साथ ही बैठक कर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और तय थाने का घेराव करने की बात तय की। इसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ लगभग शाम 5:15 बजे घूरपुर थाने में आकर धरने पर बैठ गए। साथ ही युवक को फर्जी मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग करने लगे। इस दौरान उनके समर्थकों ने नारेबाजी भी की।
अपनी ही सरकार में विधायक के धरने पर बैठने की सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर एसपी यमुनापार भी पहुंच गए और जांच का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान शिवयश पांडेय, मोहन यादव, मुन्नू प्रसाद शुक्ला, सुरेंद्र पटेल ,रामानंद तिवारी, विनोद तिवारी सहित दर्जनों समर्थक मौजूद थे। संवाद
कुछ दिनों पहले ही एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक युवक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसकेपास ही तमंचा पड़ा हुआ था। जांच में यह बात सामने आई थी कि फर्जी तरीके से तमंचा रखकर उसे फंसाने के लिए यह वीडियो बनाया गया। इस मामले में संबंधित के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और इसी मामले में आरोपी युवक को जेल भेजा गया था। जहां तक आरोपों की बात है तो विधायक को आश्वासन दिया गया है कि जांच कराई जाएगी।
सौरभ दीक्षित, एसपी यमुनापार