सीएम और डीजीपी से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग
ऋचा सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से मनीष जगन अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। डॉ ऋचा सिंह ने डीजीपी को ईमेल के जरिए पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को भी हस्तक्षेप के लिए पत्र भेजा है। इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी चिट्ठी भेजकर इस मामले में सख्त कदम उठाए जाने की मांग की है।
क्या था पूरा मामला
ऋचा सिंह ने नाम लिए बिना ही लिखा था कि एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ना जाने किस मजबूरी में लंपट, महिला विरोधी व अराजक तत्व को बचाने के लिए डीजीपी ऑफिस चले जाते हैं। मनीष जगन अग्रवाल को इसी साल जनवरी महीने में सोशल मीडिया पर अमर्यादित पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत भाजपा के कई अन्य नेताओं के खिलाफ अमर्यादित पोस्ट करने के मामले में बीजेपी नेत्री ऋचा राजपूत ने मनीष जगन अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। तब मनीष जगन अग्रवाल को छुड़ाने के लिए अखिलेश यादव लखनऊ में डीजीपी ऑफिस पहुंच गए थे। वहां उनकी पुलिस वालों से तीखी झड़प भी हुई थी। बाद में मनीष जगन अग्रवाल को जमानत पर छोड़ा गया था।
अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से बर्खास्त
सपा के टिकट पर इलाहाबाद की शहर पश्चिमी सीट से कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के खिलाफ वर्ष 2017 और 2022 में विधानसभा का चुनाव लड़ चुकीं ऋचा सिंह को पार्टी ने इसी साल अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। वह पार्टी की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा सपा में शामिल होने के बाद अगड़ों पिछड़ों को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद ऋचा सिंह मुखर हो गई थीं। स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा अगड़ी जाति के लोगों पर निशाना साधे जाने और रामचरितमानस पर सवाल उठाए जाने पर एतराज जताए जाने की वजह से समाजवादी पार्टी ने ऋचा सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। ऋचा सिंह ने अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ चुनाव आयोग में भी शिकायत की थी।