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Prayagraj : शुआट्स में बकाया वेतन को लेकर शिक्षकों में आक्रोश, कार्यालय बंद कर भागे कर्मचारी

Wed, 01 May 2024 05:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मंगलवार तक बकाया वेतन न मिलने के कारण वह सभी कुलसिचव कार्यालय के सामने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में पहुंचे तो वहां अधिकारियों को अनुपस्थित देखकर वह आक्रोशित हो गए। पूछने पर वहां मौजूद कर्मचारी सही जवाब नहीं दे सके।
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शुआट्स में वेतन को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सैम हिग्गिनबाटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) के शिक्षक व कर्मचारियों ने मंगलवार को बकाये वेतन की मांग को लेकर कुलसचिव कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासनिक भवन, कुलसचिव कार्यालय एवं वित्त विभाग के किसी अधिकारी की मौजूदगी न होने पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए। इसे देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों को कार्यालय बंद कर भागना पड़ा।

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मंगलवार तक बकाया वेतन न मिलने के कारण वह सभी कुलसिचव कार्यालय के सामने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में पहुंचे तो वहां अधिकारियों को अनुपस्थित देखकर वह आक्रोशित हो गए। पूछने पर वहां मौजूद कर्मचारी सही जवाब नहीं दे सके। कर्मचारियों के आक्रोश को देखकर वहां कर्मचारी तालाबंदी कर गायब हो गए।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और शिक्षकों को कहना है कि विवि के अधिकारी कार्य छोड़कर टूर कर रहे है। बकाया वेतन को लेकर कोई भी जिम्मेदार कुछ भी बताने का तैयार नहीं है। विवि प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना में कुलसिचव प्रो. रानू प्रसाद का कहना है कि बकाए वेतन के भुगतान को लेकर पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते 12 अप्रैल को सभी शिक्षक व कर्मचरियों को सूचित कर दिया था कि समस्त बकाए वेतन के भुगतान के लिए बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में संस्थापक सोसाइटी से भूमि विक्रय करने की अनुमति मांगी गई थी।

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सोसाइटी द्वारा भूमि विक्रय का अनुमोदन दिया जा चुका है। वर्तमान में न्यायालय से आदेश प्राप्त करने के लिए आवेदन किया गया है, आदेश प्राप्त होने पर भूमि विक्रय किया जाएगा। ऐसे में कुछ शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा जबरन तालाबंदी से विश्वविद्यालय कर रहा है उसमें अड़चन उत्पन्न हो रही है, सभी प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं, साथ ही एडमिशन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। आंदोलनरत शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि मामले में 26 अप्रैल को तारीख लगी थी, जिसमें कुछ निर्णय नहीं हो सका है। ऐसे में बकाया वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। 
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