अपनी अर्जी में उन्होंने मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराए जाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराए जाने की मांग की है। अदालत ने आनंद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक से जानकारी मांगी है।
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में नैनी जेल में बंद आनंदगिरि ने जेल परिसर में स्थित मंदिर में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करने की अनुमति मांगी है। जिला अदालत में दाखिल अर्जी पर आनंदगिरि ने कहा है कि वह संत, कथावाचक और पुजारी हैं। अध्यात्म से उनका संबंध रहता है। लेकिन विशेष सुरक्षा की वजह से उन्हें बैरक से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इस वजह से उनकी तबीयत खराब है और पूजा-पाठ नहीं कर पा रहे हैं।
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अपनी अर्जी में उन्होंने मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराए जाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराए जाने की मांग की है। अदालत ने आनंद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक से जानकारी मांगी है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अदालत के आदेश पर जेल अधीक्षक से आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।